Home » Missing Girl Case : 2018 से लापता किशोरी मामले में मुख्य आरोपी का सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट संदिग्ध

Missing Girl Case : 2018 से लापता किशोरी मामले में मुख्य आरोपी का सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट संदिग्ध

Missing Girl Case : गुजरात के गांधीनगर में कराया गया था परीक्षण, हाईकोर्ट ने प्रार्थी को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश

by Anurag Ranjan
jharkhand highcourt 1
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : गुमला से वर्ष 2018 से लापता 15 वर्षीय किशोरी की बरामदगी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथ पत्र दाखिल कर अदालत को बताया कि मामले की मुख्य आरोपी भूखली लकड़ा का गुजरात के गांधीनगर में कराया गया सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट संदिग्ध पाया गया है। अदालत ने प्रार्थी को सरकार के शपथ पत्र पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।

सरकार ने अदालत को बताया कि वर्ष 2018 से 2022 के बीच गुमला के तत्कालीन पांच पुलिस अधीक्षकों ने मुख्य आरोपी के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस की कार्रवाई और जांच से संबंधित जानकारी भी शपथ पत्र में दी गई है।

स्वास्थ्य कारणों से नहीं हुआ नार्को टेस्ट

पूर्व की सुनवाई में सरकार ने बताया था कि स्वास्थ्य कारणों से भूखली लकड़ा का नार्को टेस्ट नहीं कराया जा सका था। इसके बाद उसका सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट समेत दो अन्य पूरक परीक्षण कराए गए थे। सोमवार को सरकार ने सस्पेक्ट डिटेक्शन टेस्ट के परिणाम की जानकारी अदालत को दी।

सितंबर 2018 से लापता है किशोरी

गुमला की 15 वर्षीय किशोरी सितंबर 2018 से लापता है। उसकी बरामदगी की मांग को लेकर मां चंद्रमुनि उराइन ने हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। याचिका में बच्ची की बरामदगी और मामले की जांच के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा।

Read Also: Jamshedpur News: झारखंड में विकास योजनाओं की प्राक्कलन समिति ने की समीक्षा, अवैध खनन पर फंसा माइनिंग महकमा

Related Articles

Leave a Comment