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West Singhbhum News : कार्मेल स्कूल में लगा स्वास्थ्य शिविर, 90 लोगों ने किया रक्तदान, रक्तदाताओं में 21 महिलाएं भी शामिल

प्रोजेक्ट जागृति के तहत आयोजित रक्तदान-सह-नेत्रदान शिविर में दिखा लोगों का उत्साह 

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : जिला प्रशासन के “प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” अभियान के अंतर्गत रविवार को कार्मेल स्कूल, चक्रधरपुर में रक्तदान एवं नेत्रदान पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन सृष्टि अल्ट्रासाउंड एवं नेत्र क्लिनिक, चक्रधरपुर और संत अंजला अस्पताल, चक्रधरपुर के संयुक्त प्रयास से हुआ। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।

90 यूनिट रक्त हुआ संग्रहित

शिविर में कुल 115 लोगों ने रक्तदान के लिए नाम दर्ज कराया। इनमें से 90 लोगों ने सफलतापूर्वक रक्तदान किया। खास बात यह रही कि रक्तदाताओं में 21 महिलाएं भी शामिल थीं, जिसे महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और सहभागिता के रूप में देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह पहला मौका था जब सृष्टि क्लिनिक और संत अंजला अस्पताल ने मिलकर ऐसा शिविर लगाया और पहले ही प्रयास में इसे शानदार सफलता मिली।

41 लोगों ने लिया नेत्रदान का संकल्प

रक्तदान के साथ-साथ शिविर में 41 लोगों ने नेत्रदान के लिए पंजीकरण भी कराया। सभी ने शपथ पत्र भरकर यह प्रण लिया कि मृत्यु के बाद उनकी आंखों की कॉर्निया निकालकर नेत्रहीनों को रोशनी दी जाएगी। इस पहल को समाज में सेवा और मानवता की भावना को मजबूत करने वाला कदम बताया गया।

डॉक्टरों ने दी जागरूकता की जानकारी

डॉ. प्रवीण मिंज ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान और नेत्रदान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना था। लोगों की सक्रिय भागीदारी से साफ है कि अब समाज स्वास्थ्य और जनसेवा के कार्यक्रमों को लेकर ज्यादा संवेदनशील हो रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सेलिन सोशन ने कहा कि “नेत्रदान के बाद भी किसी के जीवन में उजाला लाया जा सकता है।” उन्होंने बताया कि एक नेत्रदाता की दोनों आंखों से 4 से 6 दृष्टिबाधित लोगों को नई रोशनी मिल सकती है।

नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, सम्मानजनक और वैज्ञानिक मानकों पर आधारित होती है और इससे चेहरे की सुंदरता पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद नेत्रदान का संकल्प लें और परिवार को भी प्रेरित करें।शिविर को सफल बनाने में सदर अस्पताल चाईबासा, संत अंजला अस्पताल और सृष्टि नेत्र चिकित्सालय की चिकित्सा टीम की अहम भूमिका रही। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने रक्तदान और नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर लोगों को सही जानकारी भी दी।

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