आज का शुभ दिन, जब भगवान विष्णु और आंवला वृक्ष की पूजा से मिलता है अक्षय पुण्य और समृद्धि का वरदान।
अक्षय नवमी 2025:
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है अक्षय नवमी। यह दिन सतयुग के आरंभ का प्रतीक है और पुण्य कर्म का फल कभी क्षय नहीं होता।
इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और आंवला वृक्ष की पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
– नवमी प्रारंभ: 30 अक्टूबर, सुबह 10:06 बजे
– नवमी समाप्त: 31 अक्टूबर, सुबह 10:03 बजे
– पूजन मुहूर्त: सुबह 6:21 से 7:45 और 10:30 से 2:40 तक"
तिथि और मुहूर्त
– स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें
– आंवला वृक्ष की जड़ों में दूध चढ़ाएं
– तने पर कच्चा सूत लपेटें
– 108 बार परिक्रमा कर वृक्ष के नीचे भोजन करें"
पूजन विधि:
इस दिन आंवला का सेवन और दान शुभ माना जाता है।
यह करने से पाप नष्ट होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
आंवले की पूजा से एक वैश्य स्त्री कुष्ठ रोग से मुक्त हुई और उसे संतान प्राप्त हुई। तभी से यह व्रत अक्षय फल देने वाला माना गया।
पौराणिक कथा:
आंवले की पूजा से एक वैश्य स्त्री कुष्ठ रोग से मुक्त हुई और उसे संतान प्राप्त हुई। तभी से यह व्रत अक्षय फल देने वाला माना गया।
पौराणिक कथा:
अक्षय नवमी के दिन आंवला पूजा से पापों का नाश, धन-समृद्धि, और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यह दिन शुभ कर्मों की शुरुआत का सर्वोत्तम समय माना गया है।