
दुमका : श्रावण मास की पहली सोमवारी पर झारखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा बासुकीनाथ धाम में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तड़के से ही मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “जय भोलेनाथ” के गूंजते जयघोष से पूरा बासुकीनाथ धाम शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।
सावन की पहली सोमवारी का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण सामान्य दिनों की अपेक्षा कहीं अधिक संख्या में श्रद्धालु बासुकीनाथ धाम पहुंचे। श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अनूठा संगम पूरे मंदिर परिसर में देखने को मिला।
बाबा बैद्यनाथ धाम से जलार्पण के बाद बासुकीनाथ पहुंचे शिवभक्त
सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में कांवरिये बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पहले देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण करते हैं। इसके बाद धार्मिक परंपरा के अनुसार बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।
पहली सोमवारी होने के कारण इस धार्मिक परंपरा का पालन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। सुबह से लेकर पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगातार जारी रहा।
जलाभिषेक के लिए सुबह से लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार
मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु सुबह से ही कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भक्त अपने साथ गंगाजल, बेलपत्र, दूध, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री लेकर पहुंचे तथा भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया।
भीड़ अधिक होने के बावजूद श्रद्धालु अनुशासित ढंग से कतारों में आगे बढ़ते रहे, जिससे दर्शन और जलार्पण की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के जारी रही।
पहली सोमवारी पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को विभिन्न स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार और अनुमंडल पदाधिकारी लगातार नियंत्रण कक्ष से व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे दिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को दी प्राथमिकता
जिला उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बताया कि सावन की पहली सोमवारी को लेकर सभी संबंधित विभागों को पहले से सतर्क और सक्रिय रखा गया था। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।
उन्होंने कहा कि पेयजल, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि किसी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस बोली- श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार ने कहा कि पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और जलाभिषेक के लिए व्यवस्थित कतारों की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि पूरे दिन पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में दर्शन का अवसर मिला।
धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा बासुकीनाथ धाम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास की सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी विश्वास के साथ हर वर्ष लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पहले बाबा बैद्यनाथ धाम और उसके बाद बाबा बासुकीनाथ धाम में जलार्पण करने पहुंचते हैं। सावन की पहली सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा बासुकीनाथ धाम झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख शिवधामों में अपनी विशेष धार्मिक पहचान रखता है।

