
बोकारो : शहर में पुलिस जवानों की सबसे बड़ी निशानेबाजी स्पर्धा का बिगुल बज चुका है। झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप)-4 के परिसर में 23वीं क्षेत्रीय शूटिंग प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत हुई। इस खास आयोजन का औपचारिक उद्घाटन जैप-4 के कमांडेंट ऋषभ कुमार झा ने किया।
यह कोई आम मुकाबला नहीं है। इसमें अपनी सटीक निशानेबाजी का लोहा मनवाने के लिए कुल 23 टीमें मैदान में उतरी हैं। प्रतियोगिता में जैप की अलग-अलग बटालियनों के अलावा आईआरबी, स्पेशल ब्रांच और सीआईडी के जांबाज जवान आमने-सामने होंगे। यह रोमांचक मुकाबला 28 सितंबर तक चलेगा, जहां जवान अपनी एकाग्रता और फुर्ती का हुनर दिखाएंगे।
सटीक निशाना, बुलंद हौसला- क्यों खास है यह मुकाबला
कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट ऋषभ कुमार झा ने कहा कि इस तरह के आयोजन जवानों की तैयारी को परखने का सालाना जरिया हैं। पुलिस बल के जवान दिन-रात हथियार लेकर ड्यूटी निभाते हैं। ऐसे में किसी भी आपात या विकट परिस्थिति में आत्मरक्षा के लिए सही समय पर सही निशाना लगाना बेहद जरूरी हो जाता है। सही तकनीक से जान-माल के नुकसान से बचा जा सकता है।
उन्होंने आगे बताया कि इस आयोजन का मकसद सिर्फ पदक जीतना नहीं है, बल्कि जवानों का आत्मविश्वास बढ़ाना भी है। मैदान में उतरने से जवानों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के फायदे मिलते हैं। निशाना साधने की इस प्रक्रिया से जवानों की दिमागी एकाग्रता और चुस्ती बढ़ती है। यह फुर्ती और एकाग्रता उन्हें अपनी कठिन ड्यूटी के दौरान बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटने में मदद करती है।
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