
Jamshedpur/ Aaditaypur : दुर्गापूजा से पहले टाटा मोटर्स कर्मचारियों के बोनस समझौते पर जमशेदपुर और आदित्यपुर के औद्योगिक क्षेत्र के हजारों कर्मचारियों की नजर टिकी हुई है। टाटा मोटर्स में बोनस समझौते के बाद ही टाटा कमिंस समेत आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की सैकड़ों कंपनियों में बोनस को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच बातचीत तेज होती है। ऐसे में टाटा मोटर्स के बोनस समझौते को औद्योगिक क्षेत्र में बोनस के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
टाटा मोटर्स में बोनस को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली बातचीत पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है। हर वर्ष बोनस समझौते के बाद टाटा मोटर्स से जुड़े वेंडर, सप्लायर और आसपास की औद्योगिक इकाइयों में भी बोनस वार्ता का दौर शुरू हो जाता है। इसका असर आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की छोटी-बड़ी कंपनियों पर भी पड़ता है।
औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें टाटा मोटर्स के उत्पादन और सप्लाई चेन से जुड़े कर्मचारी काम करते हैं। इन कंपनियों के कर्मचारियों और यूनियनों को उम्मीद रहती है कि टाटा मोटर्स में होने वाला बोनस समझौता उनके यहां होने वाली बोनस वार्ता के लिए आधार तैयार करेगा।
टाटा कमिंस सहित कई कंपनियों में इंतजार
टाटा कमिंस समेत आदित्यपुर की कई कंपनियों में कर्मचारियों और यूनियन पदाधिकारियों की नजर अब टाटा मोटर्स के बोनस समझौते पर है। यूनियन नेताओं का मानना है कि टाटा मोटर्स में बोनस की राशि और भुगतान का पैटर्न सामने आने के बाद अन्य कंपनियों में भी प्रबंधन के साथ बातचीत की दिशा स्पष्ट होगी।
दुर्गापूजा के मद्देनजर कर्मचारियों के बीच बोनस को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि बोनस समझौता समय पर हो, ताकि पूजा से पहले उन्हें राशि का भुगतान मिल सके। वहीं, यूनियनों की कोशिश है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष कर्मचारियों को बेहतर लाभ दिलाया जाए।

औद्योगिक क्षेत्र में बोनस केवल टाटा मोटर्स के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव आसपास की कंपनियों और हजारों औद्योगिक श्रमिकों पर भी पड़ता है। यही वजह है कि इस बार भी टाटा मोटर्स के बोनस समझौते को लेकर जमशेदपुर और आदित्यपुर के औद्योगिक क्षेत्र में विशेष उत्सुकता बनी हुई है।

