
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा, चक्रधरपुर और जगन्नाथपुर अनुमंडल सहित पूरे क्षेत्र में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व अपार श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सदर बाजार स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में तड़के से ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच श्रद्धालुओं ने सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु के ‘अनंत’ स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की।
संकट दूर करता है अनंत सूत्र: मुख्य पुजारी
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित संजय मिश्रा ने पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “अनंत चतुर्दशी भगवान विष्णु के अविनाशी और असीम स्वरूप की आराधना का दिन है। इस दिन निश्छल मन से व्रत रखकर अनंत सूत्र (रक्षा सूत्र) धारण करने से मानव जीवन के समस्त कष्ट, बाधाएं और पाप नष्ट हो जाते हैं तथा पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
खीरे और दूध की अनोखी परंपरा
पुजारी ने कहा कि इस व्रत में खीरे में पवित्र रक्षा सूत्र बांधकर उसे कच्चे दूध में डुबोकर भगवान को अर्पित करने की अनादि परंपरा है। पुरुष एवं महिला दोनों ही पूरे निष्ठा भाव से यह अनुष्ठान संपन्न करते हैं। दिनभर चले इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भक्तों ने कतारबद्ध होकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया और अपनी कलाई पर अनंत धागा बंधवाया। पूजा के समापन के पश्चात मंदिर प्रबंधन की ओर से विशाल महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पुजारी संजय मिश्रा ने संदेश देते हुए कहा कि यह पावन पर्व हमें स्मरण कराता है कि ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था, भक्ति और धर्म का कभी अंत नहीं होता।
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