Home » Chaibasa News : पीएम पोषण योजना पर जिला स्तरीय समीक्षा: उपायुक्त ने शत-प्रतिशत मध्याह्न भोजन और पारदर्शी रिपोर्टिंग के दिए कड़े निर्देश

Chaibasa News : पीएम पोषण योजना पर जिला स्तरीय समीक्षा: उपायुक्त ने शत-प्रतिशत मध्याह्न भोजन और पारदर्शी रिपोर्टिंग के दिए कड़े निर्देश

by Rajeshwar Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार के नेतृत्व में पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और व्यवस्था में सुधार लाना था। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार, निगरानी समिति के सदस्य तथा प्रखंड एवं संकुल स्तर के विभिन्न पदाधिकारी और मध्याह्न भोजन ऑपरेटर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

प्रत्येक विद्यार्थी को मिले गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन : डीसी

उपायुक्त ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट किया कि विद्यालय में उपस्थित प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भोजन वितरण से संबंधित आंकड़ों की वास्तविक स्थिति के आधार पर ही नियमित रूप से रिपोर्टिंग अद्यतन की जाए। योजना का मूल लक्ष्य बच्चों को संतुलित पोषण देने के साथ-साथ विद्यालयों में उनकी दैनिक उपस्थिति को बढ़ाना है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निरंतरता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति और विद्यालय स्तर पर भौतिक समीक्षा

बैठक में विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा सामग्री की उपलब्धता की भी गहन जांच की गई। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में थाली, गिलास एवं अन्य जरूरी सामग्रियों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में इन सामग्रियों की कमी है, उनका तुरंत आकलन कर सूची तैयार की जाए और जल्द से जल्द आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उपलब्ध सामग्रियों का सही रखरखाव करने की बात कही ताकि बच्चों को भोजन करते समय कोई असुविधा न हो।

नियमित निरीक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों से समन्वय का निर्देश

पोषण के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपायुक्त ने प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) एवं संकुल संसाधन केंद्र (CRC) समन्वयकों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल प्रशासनिक औपचारिकताओं तक सीमित न रहे, बल्कि कक्षाओं के संचालन, बच्चों की उपस्थिति और सीखने की प्रक्रिया का भी निरंतर मूल्यांकन किया जाए।

संबंधित कर्मियों को आवश्यकतानुसार स्वयं कक्षाएं लेने और शिक्षकों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर शैक्षणिक माहौल को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और पोषण दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।

Read Also Chaibasa News : चक्रधरपुर में स्टेशन रोड स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में चोरी, दानपेटी का ताला तोड़ रुपये गायब

Related Articles

Leave a Comment