
चाईबासा : आम जनता को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को सदर अस्पताल चाईबासा के इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और आपातकालीन सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बरतने पर प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी।

इस औचक निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी समेत अस्पताल के कई वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच, मांगी उपलब्ध संसाधनों की पूरी जानकारी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, मेडिकल उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई, बेड मैनेजमेंट और नर्सिंग सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से डॉक्टरों की ड्यूटी रोस्टर, रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों की पूरी जानकारी मांगी।
मरीजों से लिया सीधा फीडबैक
डीसी ने मरीजों और उनके परिजनों के पास जाकर उनसे सीधे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि अस्पताल में इलाज सही से हो रहा है या नहीं, और दवाएं बाहर से तो नहीं लिखनी पड़ रही हैं। मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए उपायुक्त ने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करें।
अस्पताल आने वाले हर मरीज का तुरंत पंजीकरण कर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : डीसी
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल आने वाले हर मरीज का तुरंत पंजीकरण, जांच और उपचार सुनिश्चित हो ताकि किसी को भी अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
पश्चिमी सिंहभूम एक मलेरिया प्रभावित जिला: उपायुक्त
उपायुक्त ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम एक मलेरिया प्रभावित जिला है। ग्रामीण क्षेत्रों को इस बीमारी से बचाने के लिए सीएसआर के तहत कुल 10,000 मच्छरदानियां बांटी जानी हैं, जिसकी यह पहली खेप है। इन्हें चिन्हित गांवों के जरूरतमंद परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा।
मलेरिया के खिलाफ बड़ी पहल
निरीक्षण के तुरंत बाद उपायुक्त ने सिविल सर्जन कार्यालय को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से 1,000 मच्छरदानियां सौंपीं।
मच्छरदानी वितरण योजना
एक नजर में कुल आवंटित होने वाली मच्छरदानियां 10,000 पहली खेप में सौंपी गईं। ग्रामीण व दूरदराज के मलेरिया प्रभावित इलाके के लिए 1,000 मच्छरदानियां दी गईं।
जिला प्रशासन की जनता से अपील
जिला प्रशासन मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए जांच, इलाज और जागरूकता पर मिशन मोड में काम कर रहा है। उन्होंने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें। घरों के आसपास या टायरों, कूलरों आदि में पानी जमा न होने दें (स्रोत नियंत्रण)। बुखार, तेज सिरदर्द या बदन दर्द जैसे लक्षण दिखने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर जांच कराएं।

