
चाकुलिया : पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया में जंगली हाथियों की बढ़ती आवाजाही अब आबादी वाले इलाकों के साथ सरकारी और सार्वजनिक परिसरों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है। गुरुवार देर रात हवाई पट्टी परिसर में संचालित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट में एक जंगली हाथी घुस गया। करीब 2 घंटे तक हाथी परिसर के भीतर घूमता रहा और कई जगहों पर तोड़फोड़ की। हाथी के अचानक पहुंचने से रात की ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। नाइट गार्ड ने किसी तरह छिपकर अपनी जान बचाई।
मुख्य द्वार तोड़कर प्लांट में घुसा हाथी
बताया गया कि देर रात जंगली हाथी हवाई पट्टी की ओर से होते हुए कचरा प्रबंधन प्लांट के मुख्य गेट तक पहुंचा। परिसर में प्रवेश करने के दौरान हाथी ने मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद वह प्लांट के अंदर चला गया और अलग-अलग हिस्सों में घूमते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। हाथी ने कार्यालय को भी नुकसान पहुंचाया। इस दौरान शीशे के दरवाजे और खिड़कियां उसकी चपेट में आ गईं। अचानक परिसर में हाथी को देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच डर का माहौल बन गया।
नाइट गार्ड ने छिपकर बचाई जान
हाथी के प्लांट में घुसने के समय नाइट गार्ड ड्यूटी पर मौजूद था। सामने से हाथी को आते देख उसने किसी तरह सुरक्षित जगह पर जाकर खुद को छिपा लिया। करीब 2 घंटे तक हाथी परिसर में घूमता रहा। इस दौरान किसी कर्मचारी ने उसके करीब जाने की कोशिश नहीं की। हाथी के प्लांट से बाहर निकलने के बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद परिसर में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
2 दिन पहले भी प्लांट में घुसा था हाथी
प्लांट का संचालन करने वाली पायोनियर कंपनी के प्रभारी गौरव शर्मा ने बताया कि चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। हाथियों का झुंड और अकेले हाथी आसपास के इलाकों में लगातार दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले भी एक जंगली हाथी प्लांट परिसर में घुस आया था। उस दौरान भी परिसर में नुकसान हुआ था। अब दोबारा हाथी के प्लांट में प्रवेश करने से कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की चिंता और बढ़ गई है।
गेट, दरवाजे और खिड़कियों को नुकसान
गौरव शर्मा के अनुसार, इस बार हाथी ने प्लांट के मुख्य गेट के अलावा कार्यालय में लगे शीशे के दरवाजों और खिड़कियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लगातार हाथियों के परिसर में पहुंचने से प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय स्तर पर भी हाथियों की गतिविधियों को लेकर लोगों में डर बना हुआ है। रात के समय हाथियों के आवागमन के कारण आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत पड़ रही है।
वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था की मांग
प्लांट प्रबंधन की ओर से वन विभाग से कर्मचारियों और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। प्रबंधन का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए समय रहते प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।
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