
धनबाद : झारखंड के धनबाद स्थित लोदना क्षेत्र में गुरुवार को भू-धंसान की घटना ने एक बार फिर कोयलांचल के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी। बरारी छह नंबर बस्ती में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद जमीन का एक हिस्सा धंस गया और वहां कई गहरी दरारें बन गईं। दरारों से जहरीला धुआं निकलने लगा, जबकि कुछ जगहों पर आग की लपटें भी दिखाई दीं। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
लोदना क्षेत्र पहले से ही भू-धंसान और भूमिगत आग के खतरे वाले इलाकों में शामिल है। लगातार बारिश के बीच जमीन धंसने की इस घटना ने खतरे को और गंभीर कर दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस स्थान पर जमीन धंसी है, उसके आसपास भूमिगत आग और गैस का खतरा लंबे समय से बना हुआ है। ऐसे में ताजा घटना के बाद लोगों को किसी बड़े हादसे की आशंका सताने लगी है।
धमाके के बाद जमीन में पड़ीं गहरी दरारें
बरारी छह नंबर बस्ती में गुरुवार को अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग बाहर निकले तो जमीन के एक हिस्से में धंसाव दिखाई दिया। कुछ ही देर में प्रभावित स्थान पर गहरी दरारें नजर आने लगीं। इन दरारों से धुआं निकलता देख लोगों में भय का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धुएं के साथ कुछ स्थानों पर आग की लपटें भी दिखाई दे रही थीं। जमीन के नीचे आग होने की आशंका के कारण लोग प्रभावित हिस्से के आसपास जाने से बच रहे हैं। बारिश के मौसम में जमीन के धंसने की घटना ने स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
लक्ष्मी कॉलोनी की मुख्य सड़क पर भी खतरा
भू-धंसान वाली जगह के बेहद करीब से लक्ष्मी कॉलोनी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क गुजरती है। स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि यदि जमीन के नीचे धंसाव का क्षेत्र आगे बढ़ा तो सड़क भी इसकी चपेट में आ सकती है।
सड़क प्रभावित होने पर आसपास के लोगों के आवागमन पर सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा यदि धंसाव अचानक बढ़ा तो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा हो सकता है। इसी वजह से स्थानीय लोग प्रभावित क्षेत्र की तत्काल निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
कोयला खनन को लेकर बीसीसीएल पर उठे सवाल
स्थानीय नेता सबूर गोराई ने क्षेत्र में हो रहे भू-धंसान के लिए कोयला खनन को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि संवेदनशील इलाकों में भूमिगत स्थिति की नियमित जांच और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए।
घटना की सूचना मिलने के बाद भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने प्रभावित स्थान का निरीक्षण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। प्रबंधन की ओर से प्रभावित क्षेत्र में भराई कराने का आश्वासन दिया गया है।
सिर्फ भराई से समाधान नहीं चाहते स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन के ऊपर बने गड्ढे और दरारों को भर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनका कहना है कि जमीन के नीचे आग और जहरीली गैस की वास्तविक स्थिति का पहले पता लगाया जाना चाहिए।
लोगों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र की तकनीकी जांच कराई जाए और भूमिगत आग तथा जहरीली गैस के खतरे को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि जब तक जमीन के नीचे की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक केवल भराई करने से भविष्य में दोबारा भू-धंसान का खतरा बना रहेगा।
बारिश के बीच बढ़ी भू-धंसान की चिंता
धनबाद के कोयला क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं नई नहीं हैं। कई इलाकों में भूमिगत कोयला खनन और आग के कारण जमीन की स्थिति पहले से संवेदनशील बनी हुई है। लगातार बारिश के दौरान ऐसी जगहों पर जमीन की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ जाती है।
बरारी छह नंबर बस्ती की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा और लगातार निगरानी की मांग की है। फिलहाल भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है और भराई कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय लोग भूमिगत आग और जहरीली गैस के खतरे की जांच कर स्थायी समाधान की मांग पर कायम हैं।
Read Also- Husainabad Murder : हुसैनाबाद में युवक की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार अपराधियों ने दो बार किया फायर

