
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में विधि शाखा, कारा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शनिवार को हुई बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस दौरान विभागवार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्धारित दायित्वों का प्रभावी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
विधि शाखा की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित एवं संचालित विधिक मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से संबंधित मामलों तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के जवाब प्रेषित करने की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित करने तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
कारा सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर
कारा सुरक्षा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मंडल कारा, चाईबासा में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों के क्रियान्वयन एवं निगरानी व्यवस्था तथा जेल के अंदर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित प्रतिवेदन का अवलोकन किया। उन्होंने कारा परिसर में सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ बंदियों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने प्रोजेक्ट परिवर्तन के तहत मंडल कारा, चाईबासा के कैदियों को कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रशिक्षण के तीसरे चरण में आरसेटी के माध्यम से व्यावसायिक बागवानी का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले इच्छुक बंदियों की सूची तैयार कर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों में कौशल विकास के साथ भविष्य में आजीविका के अवसर भी सृजित हो सकें।
लगातार बारिश के मद्देनजर आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्क रहने का निर्देश
आपदा प्रबंधन समिति की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर संभावित आपदाओं एवं उनसे होने वाली जान-माल की क्षति पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आपदा से संबंधित घटनाओं एवं क्षति का रिकॉर्ड नियमित रूप से जिला कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा एवं अन्य आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में डैम एवं जलाशयों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। जलाशयों एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रशिक्षित तैराकों की सूची तैयार कर उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ‘सुरक्षा मित्र’ के रूप में उपयोग करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने विशेष रूप से वर्षा के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व तैयारी, त्वरित सूचना एवं राहत व्यवस्था को मजबूत रखने पर बल दिया।
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ सभी पात्र छात्राओं तक पहुंचाने का निर्देश
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत जिले में पात्र छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे लाभ की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले की सभी पात्र छात्राओं को योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए तथा किसी भी पात्र लाभुक को योजना के लाभ से वंचित न रहने दिया जाए।बैठक में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आईडी एवं आधार निर्माण से संबंधित कार्यों की भी प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए पात्र व्यक्तियों को आवश्यक दस्तावेज एवं पहचान संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं एवं प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकों का उद्देश्य केवल प्रगति की जानकारी लेना नहीं, बल्कि सामने आ रही चुनौतियों का समाधान करते हुए आमजनों एवं जरूरतमंद लाभुकों तक सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का समयबद्ध लाभ पहुंचाना है।

