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Chaibasa News : अवैध अफीम खेती और खनन पर ड्रोन से होगी निगरानी, प्रशासन चलाएगा सघन छापेमारी अभियान

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध अफीम की खेती और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अब सख्त हो गया है। इसको लेकर ड्रोन से निगरानी की जाएगी और नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (NCORD) और जिला माइनिंग टास्क फोर्स की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी और अंचल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े, जबकि सामान्य शाखा उपसमाहर्ता, एसडीपीओ, जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, थाना प्रभारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी सभागार में मौजूद रहे।

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती, उसके कारोबार और अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ प्रभावी और लगातार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिर्फ प्रशासन और पुलिस ही नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मिलकर काम करना होगा।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती और अवैध खनन की सूचना है, वहां चिन्हित कर सर्च अभियान चलाया जाए। ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाए, बंद पड़े खदानों और क्रशरों पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही ऐसे कार्य में लगे लोगों को चिन्हित कर उन्हें वैकल्पिक आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जाए, ताकि वे अवैध गतिविधियों को छोड़ सकें।

चिन्हित क्षेत्रों में अभी से शुरू करें सर्च अभियान, ड्रोन से होगी निगरानी

एनसीओआरडी के तहत जिले में पूर्व में अफीम की खेती के लिए चिन्हित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि संभावित क्षेत्रों में अभी से सर्च अभियान प्रारंभ किया जाए। उन्होंने संबंधित अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध खेती की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने चिन्हित क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखने का भी निर्देश दिया, ताकि दुर्गम एवं विस्तृत क्षेत्रों में प्रभावी सर्विलांस सुनिश्चित हो सके। उपायुक्त ने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिस तंत्र को लगातार सक्रिय रहना होगा।

पंचायत एवं अनुमंडल स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से होगी जागरूकता

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अफीम की खेती वाले चिन्हित क्षेत्रों में अनुमंडल एवं पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से बैठकें आयोजित की जाएं। इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को मादक पदार्थों की खेती एवं सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ अवैध गतिविधियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में कृषि पदाधिकारी, उद्यान पदाधिकारी, वन विभाग के पदाधिकारी, पशुपालन विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के स्थानीय कर्मियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़कर वैकल्पिक एवं टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे अवैध खेती के स्थान पर लाभकारी एवं वैध रोजगार से जुड़ सकें।

दवा दुकानों की नियमित जांच एवं कोटपा अधिनियम के तहत लगातार छापेमारी का निर्देश

उपायुक्त ने ड्रग इंस्पेक्टर को जिले में संचालित सभी दवा दुकानों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने दवाओं की बिक्री एवं भंडारण से संबंधित नियमों के अनुपालन की जांच करते हुए अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

साथ ही जिले के सभी क्षेत्रों में कोटपा अधिनियम के तहत लगातार जांच एवं छापेमारी अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थलों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तंबाकू उत्पादों से संबंधित नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

खनन कार्यालय द्वारा अब तक ₹18.44 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रहण, अगस्त में 10 वाहन जब्त

जिला माइनिंग टास्क फोर्स की समीक्षा के दौरान जिला खनन कार्यालय द्वारा किए गए राजस्व संग्रहण एवं अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिला खनन कार्यालय द्वारा अब तक ₹18,44,82,520 का राजस्व संग्रहण किया गया है।

वहीं, अगस्त माह में अब तक अवैध खनन सामग्री का परिवहन करते हुए 10 वाहनों को जब्त किया गया है तथा कार्रवाई के क्रम में ₹5,70,000 का जुर्माना वसूला गया है। उपायुक्त ने अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जांच एवं छापेमारी अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

दो बालू घाटों की नीलामी पूर्ण, शेष प्रक्रिया में

बैठक में जिले में बालू घाटों की नीलामी की स्थिति की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में दो बालू घाटों की नीलामी पूर्ण हो चुकी है, जबकि शेष बालू घाटों से संबंधित नीलामी प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार शेष प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी निगरानी रखने का निर्देश दिया।

 चालू क्रशरों की नियमित जांच के साथ बंद खदानों पर भी रखें कड़ी निगरानी

उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी चालू पत्थर क्रशरों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि क्रशर संचालन के दौरान निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने विशेष रूप से वैसे खदान एवं क्रशर जिनकी लीज समाप्त हो चुकी है अथवा जो वर्तमान में बंद हैं, उनकी भी नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में बंद अथवा लीज समाप्त खदानों से अवैध खनन एवं खनिज सामग्री का परिवहन नहीं होना चाहिए। ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

मंझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर सहित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी

उपायुक्त ने जिले के सभी क्षेत्रों में अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं खनिजों के अवैध भंडारण के विरुद्ध प्रभावी छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। विशेष रूप से मंझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, तांतनगर, आनंदपुर एवं गोईलकेरा सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी एवं जांच अभियान चलाने पर जोर दिया गया। उन्होंने संबंधित अनुमंडल एवं अंचल प्रशासन, पुलिस तथा खनन विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर क्षेत्रवार निगरानी एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी: उपायुक्त

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती एवं कारोबार तथा अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन, पुलिस, खनन, वन, कृषि, उद्यान, पशुपालन, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, लगातार निगरानी तथा प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं मादक पदार्थों की गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं एवं वैकल्पिक आजीविका से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक में संबंधित विभागों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई एवं प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए जिले में अवैध गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य करें।

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