
चाईबासा : आगामी पर्व-त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी सिंहभूम के खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने चक्रधरपुर क्षेत्र में एक बड़ा जांच अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी धनेश्वर हेम्ब्रम और दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के तहत शहर के कई प्रमुख रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और किराना स्टोरों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और भंडारण मानकों का जायजा लिया गया।
खराब रसगुल्ले और एक्सपायरी सामान कराए गए नष्ट
जांच प्रक्रिया के दौरान मथुरा स्वीट्स में भारी अनियमितता पाई गई। वहां से लगभग 20 किलोग्राम सड़े-गले खराब रसगुल्ले और एक्सपायर हो चुके पास्ता स्नैक्स बरामद किए गए, जिन्हें अधिकारियों ने मौके पर ही पूरी तरह नष्ट करवा दिया।
कई दुकानों में मिलीं भारी अनियमितताएं
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों की जमकर अनदेखी देखने को मिली। कई रेस्टोरेंट में पैकेटबंद पनीर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि कई दुकानों में स्वच्छता का स्तर बेहद घटिया पाया गया। इसके अलावा, कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के चलते पाए गए।
5 प्रमुख प्रतिष्ठानों को थमाया गया नोटिस
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में निम्नलिखित 5 प्रमुख दुकानों व रेस्टोरेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
• मथुरा स्वीट्स
• क्यूज़ीन फैमिली रेस्टोरेंट
• संतुष्ट क्यूज़ीन रेस्टोरेंट
• शंकर मिष्ठान भंडार
• छप्पन भोग
विभाग की चेतावनी और सख्त निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त चेतावनी जारी की है कि वे अपनी दुकानों में पूरी तरह सफाई रखें और खाद्य सामग्रियों का सुरक्षित भंडारण करें। इसके अलावा पैकेटबंद सामान बेचने से पहले FSSAI लाइसेंस नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट की जांच अवश्य करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायरी या घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री बेचने वालों के खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

