
Ghatshila : सोना देवी विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में मंगलवार को बौद्ध अध्ययन विभाग की ओर से “बौद्ध अध्ययन में मंत्र-जप का महत्व” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के बौद्ध अध्ययन विभागाध्यक्ष मोन्क डॉ. चन्द्रकीर्ति ने विद्यार्थियों को मंत्र-जप, ध्यान, एकाग्रता, करुणा, मैत्री और आत्म-अनुशासन के विभिन्न आयामों से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि मंत्र-जप केवल शब्दों की पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि सजगता, ध्यान और आत्म-अनुशासन का अभ्यास है। मंत्र की ध्वनि और लय मन को एकाग्र करने तथा वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने बौद्ध परंपरा में मंत्रों के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने किया। कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने मुख्य वक्ता को सम्मानित करते हुए कहा कि विभिन्न ज्ञान परंपराओं और दर्शन का अध्ययन विद्यार्थियों की दृष्टि को व्यापक बनाता है। कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का मानसिक, नैतिक और मानवीय विकास भी आवश्यक है।
इस अवसर पर कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों से ज्ञान को जीवन से जोड़ने, अनुशासन को दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शिवचंद्र झा ने सेवानिवृत्त प्रबंधक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, नागपुर के जी.एम. वानखेड़े को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

