
Jamshedpur : जमशेदपुर में लगातार हादसे हो रहे हैं। जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर हर महीने मीटिंग करता है। मगर, इस मीटिंग में कभी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आता। यातायात के लिहाज से बेहद संवेदनशील बन चुकी इस लौहनगरी में हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गोलमुरी स्थित आकाशदीप प्लाजा के सामने मंगलवार को एक बार फिर सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार में जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गया। हादसे के बाद इलाके की सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आकाशदीप प्लाजा के सामने डिवाइडर से वाहनों के टकराने की यह पांचवीं घटना है। एक ही स्थान पर बार-बार हादसे होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी है।
रात में डिवाइडर नहीं आता नजर
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय इस सड़क हिस्से में पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। ऐसे में वाहन चालकों को डिवाइडर स्पष्ट नजर नहीं आता। इसके अलावा डिवाइडर के आसपास पर्याप्त रेडियम, रिफ्लेक्टर या हाई-विजिबिलिटी चेतावनी संकेत नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर लगातार एक जैसी दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो इसे केवल वाहन चालकों की लापरवाही मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सड़क की डिजाइन, डिवाइडर की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था और उसकी दृश्यता की भी जांच जरूरी है।
पांचवीं घटना के बाद फिर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आकाशदीप प्लाजा के सामने डिवाइडर से वाहनों के टकराने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मंगलवार को ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद लोगों ने सड़क सुरक्षा के स्थायी समाधान की मांग दोहराई है। लोगों ने संबंधित विभाग से मौके का तत्काल निरीक्षण कराने, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने और डिवाइडर पर रेडियम, रिफ्लेक्टर तथा स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है।
लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही स्थान पर बार-बार हादसे होना गंभीर चिंता का विषय है। यदि सड़क की खामी, रोशनी की कमी या डिवाइडर की कम दृश्यता दुर्घटनाओं की वजह बन रही है, तो संबंधित विभाग को समय रहते आवश्यक सुधार करना चाहिए। अब सवाल यह है कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग कब कार्रवाई करेगा? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है, या समय रहते सड़क सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा? लोगों ने हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है।
स्पीड लिमिट योजना पर हो अमल
रांची में सड़कों पर स्पीड लिमिट कर दी गई है। पारडीह काली मंदिर से बालीगुमा तक स्पीड कैमरे लगने जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि शहर की स्पीड लिमिट योजना कहां है। साल 2012 में तत्कालीन यातायात डीएसपी ने यह योजना तैयार की थी। विभिन्न सड़कों की स्पीड तय कर दी गई थी। योजना को जिला प्रशासन की हरी झंडी मिल गई थी। सड़कों पर स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जाने लगे थे। मगर, तभी इस योजना के आर्किटेक्ट तत्कालीन डीएसपी रिटायर हो गए। इसके बाद योजना फाइल में दफन हुई तो आज तक बाहर नहीं आई। लोगों की मांग है कि इस योजना को अमल में लाया जाए।

