जमशेदपुर : झारखंड के विश्वविद्यालयों में इस सत्र से लागू होने जा रहे क्लस्टर सिस्टम के विरोध में छात्र-छात्राओं के स्वर मुखर होने लगे हैं। शुक्रवार को इसका नमूना जमशेदपुर स्थित ग्रेजुएट कॉलेज जमशेदपुर में देखने को मिला। यहां नेशनल सेमिनार में शामिल होने पहुंचे झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा सचिव राहुल पुरवार को छात्रों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

कॉलेज गेट पर उच्च शिक्षा सचिव को छात्रों ने रोका
सेमिनार समाप्त होने के बाद जैसे ही उच्च शिक्षा सचिव राहुल पुरवार कॉलेज गेट से बाहर निकलने लगे, छात्रों ने उन्हें घेर लिया और क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों का आरोप था कि इस व्यवस्था से कॉलेजों की मौजूदा शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होगी और इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। छात्रों ने कहा कि बीच सत्र में उन्हें एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज का चक्कर लगाना पड़ सकता है, जिससे पढ़ाई बाधित होगी।

सचिव ने किया छात्रों को समझाने का प्रयास
विरोध बढ़ता देख राहुल पुरवार खुद छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। सरकार अभी इस व्यवस्था पर गंभीरता से मंथन कर रही है और इसमें कई बदलाव की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सत्र में पढ़ रहे छात्रों का कॉलेज नहीं बदलेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित विषयों के शिक्षक उसी कॉलेज में आकर पढ़ाएंगे जहां छात्र अभी अध्ययन कर रहे हैं।
समस्याओं के समाधान की कोशिश करेगी सरकार: शिक्षा सचिव
उच्च शिक्षा सचिव ने कहा कि क्लस्टर सिस्टम मुख्य रूप से नए एडमिशन के साथ प्रभावी होगा। इसका उद्देश्य छात्रों को उनके विषयों के साथ बेहतर स्किल डेवलपमेंट का अवसर देना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों की सभी समस्याओं और मांगों को सरकार सुन रही है तथा उसी के अनुरूप समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों ने सचिव को 30 मिनट रोका, छात्रों व पुलिस के बीच हुई नोकझोंक
करीब 30 मिनट तक राहुल पुरवार छात्रों के बीच फंसे रहे। काफी समझाने-बुझाने के बाद छात्र शांत हुए और उन्हें कॉलेज से बाहर जाने दिया। इस दौरान कॉलेज गेट पर छात्रों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता हेमंत पाठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि क्लस्टर सिस्टम को लेकर छात्रों की कई आशंकाएं हैं और जब तक सरकार उन्हें पूरी तरह दूर नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों की मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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