
Jamshedpur : सेन्ट्रल पब्लिक स्कूल (सीपीएस), आदित्यपुर में हिन्दी भाषा के महत्व और उसके प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हिन्दी महोत्सव-राजभाषा का गौरव’ का आयोजन उत्साह के साथ किया गया। विद्यालय के विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने कविता पाठ, कहानी, भाषण, जीवनी प्रस्तुति और नुक्कड़ नाटक सहित कई साहित्यिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
प्राथमिक विभाग में नर्सरी से कक्षा द्वितीय तक के विद्यार्थियों ने कविता पाठ प्रस्तुत किया। कक्षा तृतीय और चतुर्थ के बच्चों ने कहानी कथन के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई, जबकि कक्षा पंचम के विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध हिन्दी कवियों और उपन्यासकारों की जीवनी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समन्वय शिक्षिका डेजी ने किया। संचालन अंतोरा, रूपाली, संजना और प्रशांति ने किया, जबकि मनोरमा और अभिलाषा ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
मध्यम और वरिष्ठ विभाग में भी हिन्दी विभाग के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। शिक्षिका कंचन और रीता के निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों का निर्णयन किरण और श्वेता ने किया। कक्षा छह के विद्यार्थियों ने कविता वाचन के जरिए जीवन में हिन्दी के महत्व को सामने रखा। कक्षा सात में हिन्दी भाषा के महत्व पर भाषण प्रतियोगिता हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आधुनिकता की दौड़ में अपनी मातृभाषा को नहीं भूलने का संदेश दिया। कक्षा आठ के विद्यार्थियों ने हिन्दी जगत के प्रमुख साहित्यकारों की जीवनी और उनकी रचनाओं को प्रस्तुत किया।
कक्षा नौ के विद्यार्थियों के लिए ‘मुहावरों से मुहावरों तक’ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसे ज्ञानवर्धक और मनोरंजक गतिविधि के रूप में सराहा गया। वहीं, कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने ‘पहचान हिन्दी से’ शीर्षक से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने और सामाजिक चेतना का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य रामा शंकर सिंह, वरिष्ठ शिक्षक शिव शंकर डे और प्रशासनिक प्रमुख टी. वेंकट राव उपस्थित रहे। प्राचार्य रामा शंकर सिंह ने कहा कि हिन्दी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति सम्मान और जुड़ाव की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए सफल आयोजन के लिए हिन्दी विभाग को बधाई दी।

