
जामताड़ा : पुलिस की वर्दी, हाथ में वॉकी-टॉकी और कमर में कट्टा… रौब ऐसा कि देखने वाला भी धोखा खा जाए! लेकिन जामताड़ा की मिहिजाम पुलिस के समक्ष इस फर्जी सिपाही की सारी चालाकी धरी की धरी रह गई। खुद को जैप-5 का जवान बताकर लोगों पर रौब जमाने और अवैध वसूली करने वाले अनुप कुमार को पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया है।
मंगलवार शाम मिहिजाम पुलिस जब इलाके में गश्त पर थी, तभी थाना प्रभारी प्रदीप राणा को गुप्त सूचना मिली कि कानगोई-डोमदाहा रोड पर एक शख्स पुलिस की वर्दी पहनकर घूम रहा है और आने-जाने वालों को बेवकूफ बना रहा है।
पुलिस की टीम जब कानगोई पत्थर डंप के पास पहुंची, तो वहां का नजारा ही अलग था। एक व्यक्ति नीचे पुलिस का बूट और पैंट पहने, लेकिन ऊपर सादी गंजी में बैठकर आराम से शराब पी रहा था।
फर्जी आईडी कार्ड से हुआ खुलासा
संदेह होने पर जब पुलिस ने पूछताछ की, तो उसने अपना नाम अनुप कुमार बताया और खुद को देवघर स्थित जैप-5 का सिपाही होने का दावा किया। उसने अपनी बात साबित करने के लिए पुलिस आईडी कार्ड भी दिखाया, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। आईडी कार्ड पर लिखी जन्मतिथि और नौकरी में भर्ती की तारीख में इतनी बड़ी गड़बड़ी थी कि पुलिस अधिकारियों को तुरंत समझ आ गया कि मामला फर्जीवाड़ा का है।
धनबाद से खरीदी थी वर्दी, कड़ाई में उगला सच
पुलिस की सख्त पूछताछ के सामने आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका। उसने कबूल किया कि उसने फर्जी आईडी कार्ड बनवाया था और वर्दी धनबाद के बाजार से खरीदी थी। वह इस खाकी का इस्तेमाल दो कामों के लिए करता था। पहला, आम लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलना और दूसरा, लड़कियों पर पुलिस अफसर होने का फर्जी प्रभाव जमाना।
बैग से निकला घातक सामान
पुलिस ने जब आरोपी के बैग की तलाशी ली, तो उसमें से मिनी पुलिस स्टेशन जैसा सामान बरामद हुआ:
1 देसी कट्टा और 5 कारतूस
2 वॉकी-टॉकी (चार्जर के साथ)
2 धारदार चाकू
3 स्मार्टफोन
जैप-5 का नकली पहचान पत्र
भेजा गया जेल
मिहिजाम पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला (कांड संख्या 50/2026) दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी अनुप कुमार पर साल 2014 में भी चित्तरंजन थाने में दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मामला दर्ज हो चुका है।


