
चाईबासा : जामा मस्जिद गुवा में प्रसिद्ध सूफी संत हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी (रह.) की याद में ‘जश्ने गौसुलवरा’ कांफ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया। हाजी मोहम्मद रमजान और मोहम्मद इम्तियाज अंसारी के सौजन्य से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बड़ाजामदा से पधारे इमाम तस्लीम रजा ने हजरत जीलानी के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सूफी संतों का जीवन हमेशा सच्चाई, सादगी, आपसी भाईचारे और निस्वार्थ खिदमत का रास्ता दिखाता है। मानव सेवा (खिदमत-ए-खल्क) से ही समाज में वास्तविक मजबूती और समरसता आती है।समारोह में उपस्थित स्थानीय इमामों और वक्ताओं ने कौमी एकता, प्रेम और शांति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सूफी परंपरा का मूल उद्देश्य समाज में सद्भाव स्थापित करना है। कांफ्रेंस के दौरान उर्स, ग्यारहवीं शरीफ की परंपराओं और हजरत जीलानी के आध्यात्मिक योगदान पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में देश-प्रदेश में शांति, समृद्धि और आपसी सौहार्द कायम रहने के लिए सामूहिक दुआ मांगी गई। इसके पश्चात सभी आगंतुकों के लिए लंगर का भी प्रबंध किया गया था। इस आयोजन को सफल बनाने में हाजी रमजान, इम्तियाज अंसारी, इमाम साहिल, शादाब खान सहित कई सहयोगियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।

