
रांची: झारखंड की पवित्र माटी के महान स्वतंत्रता सेनानी और टाना भगत आंदोलन के जननायक जतरा टाना भगत की जयंती पर पूरा राज्य उन्हें याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा है। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों की ओर से उन्हें नमन किया और उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्याय और ब्रिटिश हुकूमत के शोषण के खिलाफ जतरा टाना भगत द्वारा दिखाया गया सत्य, अहिंसा और सामाजिक सुधार का मार्ग आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
अहिंसा और प्रकृति प्रेम का अनोखा संदेश
अपने संदेश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वीर सपूत जतरा टाना भगत का पूरा जीवन समाज को एकजुट करने और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने बिना हथियार उठाए केवल सत्य और अहिंसा के बल पर अंग्रेजों की जड़ों को हिला दिया था। प्रकृति, अपनी माटी और जनजातीय संस्कृति के प्रति उनका निस्वार्थ प्रेम हर झारखंडी के लिए गर्व का विषय है।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जतरा टाना भगत केवल एक आंदोलनकारी नहीं थे, बल्कि वे एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके विचार झारखंड की सामाजिक चेतना की नींव हैं। आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन दर्शन से सीख लेते हुए अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए। उनके संघर्ष और विचार युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
झारखंड की अस्मिता और स्वाभिमान की जब भी बात होगी, अमर शहीद जतरा टाना भगत का नाम इतिहास के पन्नों पर हमेशा सुनहरे अक्षरों में चमकता रहेगा।
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