
रांची : झारखंड के सरकारी प्लस टू स्कूलों में अब आधुनिक दौर की पढ़ाई होगी। राज्य सरकार छात्रों को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार कर रही है। अब स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस और अप्लाइड इंग्लिश की पढ़ाई भी शुरू होगी।
शिक्षा विभाग ने इस नए शैक्षणिक बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए नया सिलेबस तैयार करने की जिम्मेदारी झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को दी गई है। जेसीईआरटी कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार करेगा। लक्ष्य रखा गया है कि सत्र 2027-28 से इन सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से शुरू कर दी जाए।
विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद
नया सिलेबस तैयार करने के लिए जेसीईआरटी एक खास कमेटी बनाएगा। इसमें अनुभवी और विशेषज्ञ शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। पाठ्यक्रम बनाने में एनसीईआरटी के नियमों और सीबीएसई के पैटर्न का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए कई वर्कशॉप और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।
शिक्षकों की होगी जल्द बहाली
इन नए विषयों को पढ़ाने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। राज्य में पहली बार इन विषयों के लिए ‘माध्यमिक आचार्य’ के पद बनाए गए हैं। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने योग्य उम्मीदवारों के नामों की सिफारिश शिक्षा विभाग को भेज दी है। फिलहाल अभ्यर्थियों के कागजातों की जांच चल रही है। जांच पूरी होते ही शिक्षकों को प्लस टू स्कूलों में तैनात कर दिया जाएगा।
चुनिंदा स्कूलों से होगी शुरुआत
शुरुआती चरण में यह आधुनिक पढ़ाई राज्य के कुछ चुनिंदा प्लस टू उच्च विद्यालयों में ही शुरू की जाएगी। इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर हाई-टेक शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
Read Also: JSSC ने 877 नामों की भेजी थी सिफारिश,200 से अधिक अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र संदिग्ध

