
हजारीबाग:पैसे कमाने का आसान जरिया ढूंढ रहे एक शख्स ने ऐसी फिल्मी साजिश रची कि सुनने वाले भी हैरान रह गए। हजारीबाग जिले के टाटीझरिया थाना क्षेत्र में हुए एक कथित किडनैपिंग केस का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड और उसके साथी को दबोच लिया है। मजेदार बात यह है कि जो शख्स खुद के अगवा होने का ढोंग रचकर रो रहा था, वही इस पूरी साजिश का असली सूत्रधार निकला!
जंगल का रास्ता, हथियार की नोक और 2 लाख की मांग
मामला 9 सितंबर का है, जब ठेकेदार पंचम महतो अपने साथ काम करने वाले फिटर रामलाल हांसदा के साथ मजदूरों को लाने पहाड़पुर जा रहे थे। रास्ते में पानीमाको जंगल के पास अचानक कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और हथियार के बल पर दोनों को बंधक बना लिया। बदमाशों ने रिहाई के एवज में 2 लाख रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी।
अगली सुबह 10 सितंबर को पंचम महतो ने जैसे-तैसे पैसे जुटाकर बदमाशों को दिए, तब जाकर दोनों की जान बची। इसके बाद पंचम महतो सीधे टाटीझरिया थाने पहुंचे और आपबीती सुनाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच में खुला ‘मास्टरमाइंड’ का राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए विष्णुगढ़ डीएसपी फैजान अहमद के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जब तकनीकी आधार और कॉल डिटेल्स की जांच शुरू की, तो ताने-बाने उलझने लगे। शक की सुई पंचम के साथ अगवा हुए फिटर रामलाल हांसदा पर ही टिक गई।
पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो सारा राज बाहर आ गया। रामलाल ने कबूला कि ठेकेदार पंचम महतो से 2 लाख रुपये ऐंठने के लिए उसने अपने दोस्त गिरिडीह के छोटू किस्कू उर्फ घोरला के साथ मिलकर यह पूरी कहानी रची थी। वही जानबूझकर पंचम को उस सूनसान जंगल के रास्ते ले गया था, ताकि वारदात को अंजाम दिया जा सके।
जेल भेजे गए दोनों आरोपी
पुलिस ने साजिश रचने वाले रामलाल हांसदा और उसके साथी छोटू किस्कू को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से फिरौती की रकम में से बचे 4,500 रुपये और वारदात के वक्त पहनी गई टी-शर्ट बरामद की गई है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

