
- नहीं लिया किसी का नाम, वीसी बनवाने, डीयू में भाई को ‘सेट’ से लेकर फ्लैट की खरीद करने तक के लगाए आरोप
- कहा- संगठन मंत्री रहते मुझे पढ़ने से रोका गया, एक ही संगठन में दो व्यक्तियों के लिए अलग-अलग नियम लागू करने का दावा
- पोस्ट पर कमेंट करने वाले एक यूजर्स ने पूछा- क्या यह वक्तव्य याज्ञवल्क्य शुक्ला के लिए, दूसरे कमेंट में कुमार का प्रश्न- इतना सटीक कैसे कह सकते हैं?
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग(जेएसएससी) में नियुक्ति के नाम पर कथित धांधली के आरोपों के बीच राज्य भर में युवा अपने अधिकारों को लेकर आंदोलनरत हैं। इस बीच छात्रों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की झारखंड इकाई की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि संगठन की निष्क्रियता को लेकर आवाज भगवा परिवार के बीच से उठी है। संगठन के पूर्व विभाग संगठन मंत्री दुर्गेश कुमार ने फेसबुक पोस्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने लिखा है कि “एबीवीपी को एक व्यक्ति ने आज इतना कमजोर कर दिया है कि छात्रों के मुद्दे को लेकर सड़क पर नहीं उतर पा रही है…” दुर्गेश कुमार ने अपने पोस्ट में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने संबंधित व्यक्ति की कारगुजारियों का खुलासा जरूर किया है। पोस्ट में दावा किया गया है कि परिषद जुझारू कार्यकर्ताओं से विहीन हो गई है। यही वजह है कि छात्रों के ज्वलंत मुद्दे को लेकर युवा भाजपा को उतरना पड़ रहा है। दुर्गेश ने लिखा है कि जो कार्य आपके जाने के बाद खत्म हो जाए, तो समझिए आपने संगठन खड़ा नहीं किया है।

दूसरे के खड़े किए गए संगठन पर राज भोगा। दुर्गेश यहीं नहीं रूके, उन्होंने बगैर नाम लिखे आरोप लगाया कि संबंधित पदाधिकारी की ओर से कई जगह फ्लैट खरीदा गया। कुछ लोगों को वाइस चांसलर बनवाया गया। भाई को दिल्ली यूनिवर्सिटी में सेट किया। खुद संगठन में रहते हुए पीएचडी की। दुर्गेश ने यह भी दावा किया है कि संगठन मंत्री रहते हुए उन्हें पढ़़ाई करने से रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया है कि एक संगठन में दो नियम कैसे चल सकता है? उन्होंने यह भी लिखा है कि झारखंड एबीवीपी का ऐसा हाल कर दिया गया है कि राज्य का एक भी युवा कई वर्षों तक प्रांत संगठन मंत्री नहीं बन सकता। कार्य को गति देने के लिए दूसरे राज्यों से लोगों को भेजना पड़ रहा है। दुर्गेश कुमार के पोस्ट करने के दो घंटे के अंदर दर्जनों लाइक और कमेंट आए हैं।

JPSC : कमेंट में एक यूजर्स ने पूछा- क्या यह वक्तव्य याज्ञवल्क्य शुक्ला के लिए
दुर्गेश कुमार के पोस्ट पर अलग-अलग लोगों के नाम से बने अकाउंट के जरिए संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त टिप्पणियां की गई हैं। संतोष कुमार नाम के एक यूजर्स ने पोस्ट पर सवाल किया है कि – क्या यह वक्तव्य याज्ञवल्क्य शुक्ला के लिए है। एक दूसरे यूजर्स एडवोकेट दीपक कुमार शाह ने लिखा है कि ‘हम सीधा बोल देते हैं, याज्ञवल्क्य शुक्ला ने एबीवीपी का बंटाधार करके एबीवीपी का सत्यानाष कर दिया है…।” शाह के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए दुर्गेश कुमार ने लिखा है कि इतना सटीक आप कैसे कह दिए कि शुक्लाजी को हम बोल रहे हैं।

दीपक कुमार की बात का समर्थन करते हुए कमल किशोर ने लिखा है कि ‘ बिल्कुल सही बोल रहे हैं आप। इसी कारण पिछले दस वष से बोकारो महानगर में एबीवीपी समाप्त हो गया।…’ज्ञात हो कि याज्ञवल्क्य शुक्ला पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री एवं बिहार झारखंड के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रहे हैं। बिहार में संगठन कार्यकाल में हुए विवाद के बाद से वह काफी चर्चा में आए थे। उत्तम कुमार शाही नाम के अकाउंट होल्डर ने लिखा है कि ‘जब आंदोलन बिकेगा … पत्थर के खदान में पार्टनर बनेगा…फोटोशूट के लिए कपड़ा बदलेगा…तो राज्य में संगठन के अस्तित्व की क्या परिकल्पना कर सकते हैं’। एक दूसरे अकाउंट होल्डर सौरभ सिंह राजपूत ने लिखा है कि ‘इतना सच नहीं लिखना था’। राजीव रंजन सिंह ने दुर्गेश कुमार के पोस्ट को सही बताया है। मितेश शाह ने सामाजिक बहिष्कार की मांग की है।

अभाविप की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- कौन हैं दुर्गेश कुमार, सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहा संगठन

दुर्गेश कुमार के पोस्ट पर प्रतिक्रिया के लिए द फोटोन न्यूज ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की प्रदेश अध्यक्ष मौसमी पॉल से पूछा, तो उन्होंने कहा कि कौंन हैं दुर्गेश कुमार। किस संगठन में हैं। छात्रों के मुद्दे पर अभाविप सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। द फोटोन न्यूज ने जब उन्हें दुर्गेश कुमार की पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया तो उन्होंने वाट्सएप पर लिखा ‘ओके, नो कमेंट्स ऑन दिस’।



