
रांची : झारखंड में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
हाल के दिनों में परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों, पेपर लीक और नियमावली में कमियों के कारण कई भर्तियां या तो रद्द करनी पड़ीं या मामला अदालत तक पहुंच गया।
उच्च स्तरीय समिति तलाश रही स्थायी समाधान
अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार करने जैसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए सरकार ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति में कार्मिक और वित्त सचिव को भी शामिल किया गया है।
कमेटी न केवल परीक्षाओं के संचालन को बेहतर बनाने के सुझाव देगी, बल्कि आयोगों के अध्यक्ष, सदस्यों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों व नियुक्ति नियमों की भी समीक्षा करेगी। सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि नियुक्ति नियमों की उन सभी त्रुटियों को दूर किया जाए, जिनकी वजह से मामले अदालतों में फंसते हैं।
ऑनलाइन परीक्षा और नए पैटर्न पर विचार
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए सरकार अब ज्यादातर परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित (CBT Mode) यानी ऑनलाइन आयोजित करने की योजना बना रही है। इसके लिए JSSC ने एक प्रस्ताव भी तैयार किया है।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों की भारी संख्या को देखते हुए प्रारंभिक परीक्षा को कई चरणों में कराने पर मंथन चल रहा है। इससे एक ही दिन में परीक्षा आयोजित कराने का दबाव कम होगा और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। माना जा रहा है कि सितंबर महीने में इन सुधारों पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।
23,610 पदों पर होने जा रही है भर्ती
इस पूरी प्रक्रिया के बीच राज्य में भर्तियों का बड़ा अवसर बनने जा रहा है। आयोगों के जरिए कुल 23,610 पदों पर बहाली होनी है।
JPSC के जरिए: कुल 1,645 पद (इनमें से 798 पदों पर प्रक्रिया रुकी हुई है और 847 नए पदों के लिए विज्ञापन आना बाकी है)।
JSSC के जरिए: कुल 21,965 पद (इनमें से 20,206 पदों पर चयन प्रक्रिया जारी है और 1,759 नए पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी होना है)।
नियमों के साफ-सुथरे होने और परीक्षा प्रणाली के आधुनिक होने से अब युवाओं को बिना किसी रुकावट और बिना अदालत के चक्कर काटे पारदर्शी तरीके से नौकरी पाने का मौका मिलेगा।

