
हजारीबाग : गांधी मैदान शुक्रवार को उस वक्त जंग का मैदान बन गया, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने को लेकर छात्र, पुलिस और झामुमो कार्यकर्ता भिड़ गए। इस हिंसक झड़प के बाद अब हजारीबाग पुलिस उपद्रवियों पर शिकंजा कसने के मूड में है। पुलिस -प्रशासन की कार्रवाई की भाजपा ने निंदा की है। हजारीबाग एसपी अमन कुमार के मुताबिक, स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था और अब घटना में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वीडियो फुटेज से चिह्नित किए जा रहे उपद्रवी
पुलिस प्रशासन पूरे मामले की कड़ाई से जांच कर रहा है। घटना स्थल के वीडियो फुटेज, फोटो और मौके पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर पुलिस उन चेहरों की पहचान कर रही है जो विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे या पत्थरबाजी में शामिल थे। एसपी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की ओर से अचानक हुई पत्थरबाजी में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों को चोटें आई हैं, जिसे गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा ने कहा- छात्रों पर बर्बरता शर्मनाक
इस पूरी घटना के बाद राज्य में सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने आरोप लगाया है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरता दिखाई है। उन्होंने झामुमो कार्यकर्ताओं पर पुलिस के संरक्षण में हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में तानाशाही का माहौल है और जनता न्याय के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है।
सरकार लगातार युवाओं को छल रही : सांसद
हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार युवाओं को छल रही है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके और छात्रों को न्याय मिले।
पूरी परीक्षा प्रणाली की हो सीबीआई जांच : वीडी राम
पलामू सांसद वीडी राम ने भी पूरी परीक्षा प्रणाली और घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की वकालत की है। छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और एफआईआर की खबर के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदलने के आसार दिख रहे हैं।

