
Ranchi : झारखंड के चर्चित कथित शराब घोटाला मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में आंशिक सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिका में मौजूद तकनीकी त्रुटियों को दूर कर दिया गया है। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई अगली तिथि तक स्थगित कर दी।
याचिका में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि कथित शराब घोटाले में एक आईएएस अधिकारी समेत कई प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की आशंका है। ऐसे में निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा जांच की गति और दिशा को देखते हुए सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच आवश्यक है।
याचिका के अनुसार, वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी और जांच के दौरान कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया। हालांकि, निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं किए जाने के कारण सभी आरोपितों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
मरांडी ने अदालत को यह भी बताया कि प्राथमिकी दर्ज हुए करीब 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। उनका आरोप है कि जांच बेहद धीमी गति से चल रही है, जिससे जांच की निष्पक्षता और प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अदालत से मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
सुनवाई के दौरान तकनीकी त्रुटियों में सुधार की जानकारी दिए जाने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई फिलहाल टाल दी। अब संशोधित याचिका पर अगली सुनवाई में अदालत विस्तार से विचार करेगी।


