
रांची : झारखंड में आज का दिन दुखों की आहट, प्रशासनिक फेरबदल और राहत भरी व्यवस्थाओं का मिला-जुला मिश्रण रहा। पलामू में करमा विसर्जन के दौरान एक-दूसरे को बचाने की बेबस कोशिश में पांच दोस्तों के नदी में समा जाने से पूरे इलाके में मातम पसर गया है। वहीं न्याय व्यवस्था को मजबूती देते हुए हाईकोर्ट को तीन नए जज मिले हैं। सियासी गलियारों में भाजपा ने केंद्रीय फेरबदल करते हुए सांसद गजेंद्र पटेल को राज्य का नया प्रभारी नियुक्त किया है। इधर, जेएसएससा-सीजीएल पेपर विवाद में CID ने गिरिडीह से फूड इंस्पेक्टर को हिरासत में लिया है, जबकि आने वाले रविवार को बैंक खुले रखने का फैसला ग्राहकों को राहत देगा। जानिए इन सभी खबरों को विस्तार से।
दोस्त को बचाने की जिद में नदी की तेज धार में समा गए 5 दोस्त, 4 के शव मिले

पलामू जिले के चैनपुर इलाके स्थित पतरिया खुर्द गांव में करमा पर्व का उल्लास उस वक्त गहरे शोक में तब्दील हो गया, जब पूजन सामग्री विसर्जित करने गए पांच दोस्त कोयल नदी के गहरे पानी में डूब गए। मृतकों की पहचान नितेश कुमार, विशाल कुमार सिंह, अमित कुमार ठाकुर और राजा सिंह के रूप में हुई है, जिनके शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर से बरामद कर लिए गए हैं। वहीं पांचवें साथी हेमंत कुमार की तलाश में लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं।
यह हृदयविदारक घटना उस समय घटी जब विसर्जन के दौरान नितेश अचानक नदी के खतरनाक बहाव की चपेट में आ गया। उसे डूबता देख बाकी चार दोस्तों ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी। बदकिस्मती से किसी भी युवक को तैरना नहीं आता था। जिस जगह हादसा हुआ, वहां कोयल और अमानत नदी का संगम होने के कारण पानी की गहराई 25 से 30 फीट थी। एक-दूसरे को बचाने की बेबस कोशिश में पांचों दोस्त एक के बाद एक नदी के तेज बहाव में समा गए।
इस घटना के बाद से ही पतरिया खुर्द गांव में चूल्हा तक नहीं जला है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक जताया है। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
झारखंड BJP के नए कप्तान बने गजेंद्र पटेल, जानें इनका सियासी सफर

भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक मजबूती के उद्देश्य से मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और खरगोन से सांसद गजेंद्र सिंह पटेल को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी ने उनके सहयोग के लिए सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी की कमान सौंपी है। झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में संगठन को नई धार देने के लिए भाजपा ने गजेंद्र पटेल के लंबे राजनीतिक और सांगठनिक अनुभव पर बड़ा दांव खेला है।
16 फरवरी 1975 को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में जन्मे गजेंद्र सिंह पटेल ने छात्र जीवन से ही अपना राजनीतिक सफर शुरू कर दिया था। वर्ष 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ने के बाद वे भाजयुमो, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चे में विभिन्न पदों पर रहे। पेशे से किसान और कानून की पढ़ाई कर चुके पटेल 2017 में मध्य प्रदेश भाजपा एसटी मोर्चा के अध्यक्ष रहे और बाद में राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर भी अपनी सेवाएं दीं।
खरगोन से लगातार दूसरी बार सांसद बने गजेंद्र पटेल की संसद में उपस्थिति 97 प्रतिशत रही है, जहां वे दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं और सिकल सेल एनीमिया जैसे मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वैचारिक पृष्ठभूमि और जमीनी पकड़ के कारण उन्हें राज्य में संगठन को एकजुट और मजबूत करने का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया है।
झारखंड हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

झारखंड हाई कोर्ट के न्यायिक कामकाज को और अधिक गति देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए तीन नए न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई है। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक ने नवनियुक्त जज मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को बारी-बारी से शपथ दिलाई। इस मौके पर हाईकोर्ट के तमाम न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी और जजों के परिजन उपस्थित रहे। उच्च न्यायालय में जज बनने से पूर्व ये तीनों अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
मनोज प्रसाद गढ़वा में, अखिल कुमार साहिबगंज में तथा राम शर्मा पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पद पर तैनात थे। 19 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अनुशंसा पर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने इनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की थी। तीन नए जजों के योगदान देने के साथ ही झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या 13 से बढ़कर 16 हो गई है। लंबे समय से जजों की कमी का सामना कर रहे हाईकोर्ट में इस बढ़ोतरी से मुकदमों के त्वरित निस्तारण में काफी मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रविवार को भी खुले रहेंगे सार्वजनिक बैंक,हड़ताल के असर से निपटने के लिए लिया गया फैसला
अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी कामकाज निपटाना है, तो आने वाले रविवार को बैंक शाखाएं खुली रहेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा 28 से 30 सितंबर तक बुलाई गई तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने 27 सितंबर (रविवार) को वर्किंग डे घोषित करने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य हड़ताल के कारण आम जनता को होने वाली वित्तीय परेशानियों को कम करना है।
इस विशेष आदेश के तहत देश के सभी पब्लिक सेक्टर बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक आम कार्यदिवसों की तरह पूरी तरह संचालित होंगे। ग्राहक इस दिन बैंक ब्रांच जाकर अपने सभी काउंटर-आधारित लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाएं हासिल कर सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रविवार को बैंकों की शाखाओं के साथ-साथ एटीएम-लिंक्ड ब्रांच और करेंसी चेस्ट भी सामान्य रूप से कार्यरत रहेंगे। इससे आम उपभोक्ताओं को महीने के अंत में बैंकिंग सेवाएं बाधित होने से राहत मिलेगी और वे हड़ताल से पहले अपने वित्तीय कार्य निपटा सकेंगे।
CID का बड़ा एक्शन, गिरिडीह से फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार हिरासत में
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के प्रश्नपत्र में हुई धांधली और गड़बड़ी की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी सिलसिले में सीआईडी की टीम ने देर रात गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिहरा गांव में छापेमारी कर नगर निगम के खाद्य निरीक्षक संजय कुमार को हिरासत में लिया है।
सीआईडी के पुलिस उपाधीक्षक अरविंद सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने स्थानीय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार और गांवा पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। देर रात संजय कुमार के आवास की घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में लिया गया और टीम गहन पूछताछ के लिए उन्हें तुरंत रांची ले आई।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और अन्य तकनीकी गड़बड़ियों के तारों की तलाश कर रही जांच एजेंसी के लिए फूड इंस्पेक्टर की हिरासत को एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। हालांकि सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि संजय कुमार की इस मामले में सीधी भूमिका या संलिप्तता का पूरा खुलासा रांची में होने वाली पूछताछ के बाद ही साफ हो पाएगा।

