
Seraikela : राजनगर-सारायकेला मुख्य सड़क करीब 40 टन क्षमता वाले वाहनों के लिए तैयार की गई थी, लेकिन इस पर 80 से 100 टन तक के भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क की जर्जर स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद वाहनों का आवागमन जारी था। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन के प्रतिनिधि सनद आचार्य ने मौके पर पहुंचकर भारी वाहनों का आवागमन बंद कराया।
सनद आचार्य ने कहा कि क्षमता से दोगुने से अधिक वजन वाले वाहनों के लगातार परिचालन से सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे आम लोगों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के आदेश का पालन कराते हुए फिलहाल भारी वाहनों को रोक दिया गया है, ताकि सड़क को और क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन की अनुशंसा पर सड़क के पुनर्निर्माण की पहल की गई है। करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का पुनर्निर्माण प्रस्तावित है। नई सड़क को इस तरह तैयार करने की योजना है कि भविष्य में भारी वाहनों के दबाव के बावजूद वह जल्दी क्षतिग्रस्त न हो। सड़क बनने से राजनगर क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय सरायकेला आने-जाने में सुविधा होगी।

