
Ranchi : जेपीएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को छात्रों के विधानसभा घेराव के बाद देर रात रांची प्रशासन ने प्रेसवार्ता की। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और प्रशासन की कार्रवाई का पक्ष रखा।
छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से किया प्रदर्शन
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि अधिकांश छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बरता। हालांकि, कुछ शरारती और असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों को उकसाने, गाली-गलौज करने और माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को न्यूनतम बल का इस्तेमाल करना पड़ा। डीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से किसी तरह की अनावश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
14 पुलिसकर्मी घायल, एसएसपी ने बताया- न्यूनतम बल का इस्तेमाल
एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिसकर्मियों ने काफी धैर्य और संयम का परिचय दिया। उनके अनुसार, पुलिस की ओर से लगभग ना के बराबर बल प्रयोग किया गया। प्रदर्शन के दौरान पैदा हुए तनाव में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
एसएसपी ने कहा कि इसके बावजूद पुलिस जवानों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने का प्रयास किया।
एडिटेड वीडियो से गलत नैरेटिव बनाने का आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर एसएसपी ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा घटना के छोटे-छोटे एडिटेड वीडियो प्रसारित कर गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे वीडियो के जरिए छात्रों को भड़काने और घटनाक्रम को एकतरफा तरीके से पेश करने का प्रयास हो रहा है।
एसएसपी ने छात्रों और आम लोगों से अपील की कि वे अधूरे वीडियो और अफवाहों पर भरोसा न करें तथा किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे घटनाक्रम को समझें।
बाहर से आए छात्रों को घर लौटने में मदद करेगा प्रशासन
डीसी ने बताया कि विधानसभा घेराव में शामिल होने के लिए झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे थे। आंदोलन समाप्त होने के बाद यदि किसी छात्र को अपने घर लौटने में परेशानी होती है, तो जिला प्रशासन उसे सुरक्षित घर पहुंचाने में हरसंभव सहयोग करेगा।
प्रस्तावित झारखंड बंद पर प्रशासन सख्त
मंगलवार को प्रस्तावित झारखंड बंद को लेकर डीसी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार सभी को है। हालांकि, बंद के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
स्कूल खोलने या बंद रखने का फैसला प्रबंधन करेगा
स्कूलों के संचालन को लेकर डीसी ने कहा कि संबंधित स्कूल प्रबंधन अपने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति का आकलन कर स्कूल खोलने या बंद रखने का निर्णय ले सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

