
Ranchi : वर्षों से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रही रांची नगर निगम की जमीन अब शहर के विकास में उपयोगी बनाई जाएगी। नगर निगम ने पिछले एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण निगम संपत्तियों और भूखंडों को अतिक्रमणमुक्त कराने के बाद उनके सीमांकन, अभिलेखीकरण और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
निगम के अनुसार, जिन प्रमुख भूखंडों का क्षेत्रफल स्पष्ट रूप से उपलब्ध है, उनका कुल रकबा करीब 26.96 एकड़ है। इनमें एदलहातू की लगभग 4.8 एकड़, कुसुम बिहार की 78.65 डिसमिल, करमटोली तालाब की 51 डिसमिल, ग्वाला टोली डोरंडा की 1.20 एकड़ और थड़पखना उर्दू स्कूल की 31.5 डिसमिल भूमि शामिल है।
इसके अलावा बड़ा घाघरा में 2.80 एकड़, डोरंडा मानिटोला में पांच एकड़, पिंजरा पोखर-गौशाला चौक में 11 डिसमिल, डोरंडा बाजार में करीब एक एकड़ और बूटी मोड़ चौक में लगभग 0.44 एकड़ जमीन को भी अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सीमांकन के बाद कई स्थानों पर बाउंड्री निर्माण का काम चल रहा है।
निगम के अनुसार तुपुदाना में एनआइएफटी के समीप, कांटाटोली बस स्टैंड, बड़गाई और बाधगाड़ी समेत अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी और निगम भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई हुई है।
परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए बनाई जा रही बाउंड्री
नगर निगम अपनी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, मोरहाबादी रजिस्ट्री कार्यालय, नागा बाबा खटाल एमआरएफ सेंटर, ट्रेकर स्टैंड एमआरएफ सेंटर और बकरी बाजार स्टोर में बाउंड्री निर्माण करा रहा है। धुर्वा, जगन्नाथपुर और खादगढ़ा आश्रय गृहों की परिसंपत्तियों के संरक्षण पर भी काम जारी है।
अतिक्रमणमुक्त भूमि को खाली छोड़ने के बजाय उसका उपयोग शहर की जरूरतों के अनुसार करने की योजना है। मोरहाबादी, बूटी मोड़ और डोरंडा बाजार क्षेत्र में व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे फुटपाथ और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले विक्रेताओं को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।
डोरंडा में बनेगी लेबर चौक
इसके अलावा डोरंडा बाजार और लोआडीह में दैनिक मजदूरों के लिए लेबर चौक विकसित किया गया है। निगम की अन्य जमीनों पर लाइब्रेरी, आश्रय गृह, सार्वजनिक सुविधाओं तथा स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं विकसित करने की योजना है।
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