
रांची : झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन को लेकर बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। 30 सितंबर तक कुल 12 लाख 7 हजार 14 आवेदन और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इनमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6 के माध्यम से मिले आवेदनों की संख्या सबसे अधिक है। प्रपत्र-6 से 7 लाख 19 हजार 764 आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, मतदाता सूची में संशोधन के लिए प्रपत्र-8 के माध्यम से 4 लाख 73 हजार 609 आवेदन मिले हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर तक प्रपत्र-6 के अलावा प्रपत्र-6क से 112, प्रपत्र-7 से 13,529 और प्रपत्र-8 से 4,73,609 आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्रपत्र-7 के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज नाम को लेकर आपत्तियां दी गयी हैं। इन सभी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जायेगा।
एक दिन में 14 हजार से अधिक आवेदन
दावा-आपत्ति अवधि के दौरान आवेदनों की रफ्तार भी लगातार बनी रही। एक अक्टूबर को ही 14,047 आवेदन और आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनमें प्रपत्र-6 के 7,490, प्रपत्र-6क का एक, प्रपत्र-7 के 149 और प्रपत्र-8 के 6,407 आवेदन शामिल हैं।
एक अक्टूबर के आंकड़ों को 30 सितंबर तक प्राप्त आंकड़ों में जोड़ने पर चारों प्रपत्रों के माध्यम से प्राप्त कुल आवेदन और आपत्तियों की संख्या 12 लाख 21 हजार 61 हो जाती है। हालांकि 30 सितंबर तक की स्थिति में कुल संख्या 12 लाख 7 हजार 14 है।
नाम जोड़ने के लिए सबसे ज्यादा आवेदन
आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्राप्त आवेदनों में सबसे बड़ा हिस्सा प्रपत्र-6 का है। इस प्रपत्र के जरिए नए मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए आवेदन किया जाता है। 30 सितंबर तक मिले 7.19 लाख से अधिक प्रपत्र-6 इस बात को दर्शाते हैं कि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का दावा किया है।
वहीं, प्रपत्र-8 के 4.73 लाख से अधिक आवेदन मतदाता सूची में पहले से दर्ज विवरण में सुधार या आवश्यक संशोधन से जुड़े हैं। प्रपत्र-7 के 13,529 आवेदन नाम को लेकर आपत्तियों से संबंधित हैं।
19 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
अब प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच तथा उनके निबटारे की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। इसके बाद संशोधित मतदाता सूची तैयार होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अक्टूबर को झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इससे पहले संबंधित निर्वाचन पदाधिकारियों की ओर से प्राप्त दावों और आपत्तियों का सत्यापन किया जाएगा। दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता की जांच के बाद नाम जोड़ने, संशोधन अथवा आपत्ति पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

