RANCHI : झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने निगम के एचआर व एडमिनिस्ट्रेटिव पदों पर तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों की नियुक्ति का विरोध करते हुए अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपा है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में उप महाप्रबंधक (एचआर व एडमिनिस्ट्रेशन) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तकनीकी अधिकारियों की तैनाती को सेवा नियमावली और स्थायी आदेश संख्या-804 (27 अगस्त 1998) के खिलाफ बताया गया है।
संघ ने कहा कि निगम और इसकी अनुषंगी कंपनियों में प्रशासनिक पदों पर प्रशासन संवर्ग के अधिकारियों की नियुक्ति ही नियमसम्मत और निगम हित में है। ज्ञापन में अभिषेक कुमार, कुमार संभव, राजेश कुमार पांडे और प्रदीप कुमार शर्मा के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि इनके कार्यकाल में प्रशासनिक निष्क्रियता, लालफीताशाही, पक्षपातपूर्ण फैसले और कर्मचारियों के बीच भेदभाव बढ़ा है।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड राज्य बिजली बोर्ड के चार कंपनियों में विभाजन के बाद कर्मचारियों के अंतिम आवंटन को जानबूझकर विवादित रखा गया ताकि मनमाने तरीके से प्रोन्नति और पदस्थापन किया जा सके। आर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर और डेस्टिनेशन मैपिंग जैसे महत्वपूर्ण मामलों को भी सही तरीके से लागू नहीं करने का आरोप लगाया गया है। सिकिदरी हाइडल प्रोजेक्ट से वर्ष 2025-26 में बिजली उत्पादन शून्य रहने को प्रशासनिक विफलता बताया गया। संघ ने नए उपकेंद्रों में पर्याप्त नियुक्ति नहीं होने और दैनिक वेतनभोगियों पर बढ़ती निर्भरता पर भी चिंता जताई है।

