
रांची : झारखंड में प्रतियोगिता परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर सीआईडी की विशेष जांच टीम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पढ़ाने के नाम पर चल रहे कई कोचिंग संस्थान दरअसल ‘मुन्नाभाइयों’ की भर्ती कराने वाले एजेंट का अड्डा बन चुके थे।
इस सिलसिले में सीआईडी को बड़ी सफलता मिली है। रांची के सर्कुलर रोड स्थित शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं पतंजलि आईएएस एकेडमी के संचालक रवि कुमार ने अदालत में सरेंडर कर दिया है।
खंगाले जा रहे धांधली के नेटवर्क
अब सीआईडी इन दोनों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। पूछताछ के दौरान यह बेनकाब किया जाएगा कि अभ्यर्थियों से कितने पैसे वसूले गए, धांधली का यह नेटवर्क कहां-कहां फैला था और इसमें किन-किन लोगों की साठगांठ थी।
मामले की तार सिर्फ रांची ही नहीं, बल्कि राज्य के कई जिलों से जुड़े हैं। बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और पलामू समेत कई इलाकों से कोचिंग से जुड़े संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। कुछ आरोपियों को दबोचा जा चुका है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
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