
रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी जैसी भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलित छात्रों और सरकार के बीच बनी अड़चनें दूर होती दिख रही हैं। मामले का समाधान निकालने के लिए राज्य सरकार ने कदम आगे बढ़ाए हैं। प्रशासनिक अधिकारी एसडीओ कुमार रजत ने प्रदर्शनकारी युवाओं से मुलाकात कर सरकार का न्योता पहुंचाया। उन्होंने बताया कि सरकार छात्रों के 5 प्रतिनिधियों के साथ बैठकर उनकी हर समस्या पर विस्तार से चर्चा करने को तैयार है।
बंद कमरे में नहीं होगी बात
सरकार के इस बुलावे पर छात्रों ने बातचीत की रजामंदी दे दी है। लेकिन एक सख्त शर्त भी जोड़ दी है। छात्रों ने साफ किया कि वे किसी बंद कमरे में चर्चा नहीं करेंगे। वार्ता मीडिया की मौजूदगी में और सार्वजनिक मंच पर होनी चाहिए ताकि राज्य का हर युवा सच्चाई देख सके।
फैसले का वक्त
इस शर्त और सरकारी प्रस्ताव पर आपस में मंथन करने के बाद छात्रों ने देर शाम अपना अंतिम फैसला सुनाने की बात कही है।
संवाद से ही निकलेगा समाधान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे हर किसी के लिए हमेशा खुले हैं। युवाओं की मांगें सीधे हम तक पहुंच रही हैं और सरकार सभी बातों को गंभीरता से समझ रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि छात्र चाहें तो सीधे सरकार से अपनी बात रख सकते हैं। उनका मानना है कि संवाद ही एकमात्र ऐसा रास्ता है जिससे हर उलझन का हल निकाला जा सकता है।

