
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के दौरान घायल एवं अस्वस्थ हुए सभी छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य में अब काफी सुधार है। रांची के सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र महतो समेत तमाम अभ्यर्थियों को आज अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
कुछ छात्रों की लगातार अनशन के कारण स्वास्थ्य में गिरावट हुई थी। वहीं विगत दिनों अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं और पुलिस के बीच हुई खींचतान में कई अभ्यर्थी चोटिल हो गए थे। इसके बाद पलामू के रहने वाले छात्र राहुल क्रांति, मनीष कुमार सिंह और छात्रा उम्मे हबीबा को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था।
अस्पताल प्रबंधन ने की स्वास्थ्य की समीक्षा
डॉक्टरों के अनुसार, पिछले मंगलवार से अस्पताल में भर्ती इन सभी अभ्यर्थियों की सेहत में अब तेजी से सुधार हुआ है। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने देर रात खुद वार्डों का दौरा कर सभी भर्ती अभ्यर्थियों का हाल-चाल जाना और उनके स्वास्थ्य की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी छात्र अब पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति सामान्य है। सेहत में आए इस बड़े सुधार को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने उन्हें आज ही घर भेजने का फैसला लिया है।
घटनाक्रम का मुख्य बिंदु
राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्र लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। इसी क्रम में हुए जोरदार विरोध-प्रदर्शन में कई अभ्यर्थी प्रशासनिक कार्रवाई या भगदड़ के कारण चोटिल हो गए थे। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की देखरेख में सभी का इलाज समय पर हुआ और अब स्थिति नियंत्रण में है। डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी होते ही सभी अभ्यर्थियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
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