
रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों पर अपराध अनुसंधान विभाग का एक्शन तेज हो गया है। इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने अब अपना रुख कोचिंग संस्थानों और उनके रिकॉर्ड्स की ओर कर लिया है।
कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी और जांच
सीआईडी की टीम ने हालिया कार्रवाई में रांची और हजारीबाग के प्रमुख कोचिंग संस्थानों के ठिकाने खंगाले हैं। लालपुर स्थित पाठशाला कोचिंग सेंटर और इसके संचालक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित घर पर छापेमारी की गई।
मेधा कोचिंग सेंटर हजारीबाग पहुंचकर परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेजों और कागजातों की बारीकी से जांच की। जांच टीम ने दोनों जगहों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनका गहन अध्ययन जारी है ताकि धांधली के पूरे नेटवर्क और इसके मुख्य किरदारों को सामने लाया जा सके।
अब तक की बड़ी कार्रवाइयां और गिरफ्तारियां
इस बड़े पैमाने पर जारी जांच में अब तक कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मले में अब तक 25 से ज्यादा आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी: जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले के कथित मुख्य सूत्रधार अभय तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी, भाई अक्षय तिवारी, कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर और बिचौलिए गिरफ्त में हैं। मुख्य आरोपी सीआईडी रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ चल रही है।
गड़बड़ी के बाद पिछले 10 वर्षों से पदस्थापित 11 अधिकारियों को हटाया जा चुका है, जबकि आयोग के कुछ सदस्यों ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। सीआईडी अब ओएमआर शीट की कार्बन कॉपियों का मिलान कर रही है। इसके साथ ही, जब्त किए गए सर्वर और डिजिटल डेटा लॉग की फोरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जीवाड़ा किस स्तर पर और किन लोगों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया।

