
रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी और अनुचित लाभ उठाने वाले अभ्यर्थियों पर शिकंजा और मजबूत कर दिया गया है। अपराध अनुसंधान विभाग ने कार्रवाई करते हुए धांधली के आरोपी तीन परीक्षार्थियों को दबोच लिया है। सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में उन्हें जेल भेज दिया गया है।
जांच में खुली पोल, प्राथमिक अभियुक्त बने
सीआईडी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों अभ्यर्थी JSSC-CGL की परीक्षा में शामिल हुए थे। जांच टीम को पड़ताल के दौरान ठोस सबूत मिले कि इन तीनों ने नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके और साठगांठ के जरिए परीक्षा में अनुचित लाभ हासिल किया था। धांधली में सीधी संलिप्तता पाए जाने के बाद विभाग ने इन्हें मामले का मुख्य व प्राथमिक अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
पकड़े गए तीनों आरोपी झारखंड के कोडरमा और गिरिडीह जिले के रहने वाले हैं।
1. अजय कुमार- पिता सीताराम प्रसाद, निवासी- खांस, पोस्ट- नंदूडीह, थाना- सतगावां, जिला-कोडरमा।
2. संजय कुमार- पिता मनोज साव, निवासी- पिहरा, थाना- गांवा, जिला गिरिडीह।
3. रामाकृष्ण कुमार सिंह- पिता अजय कुमार सिंह, निवासी- कटिरियाटांड़, थाना- धनवार, जिला गिरिडीह।
फर्जीवाड़े पर कसता शिकंजा, कई अन्य भी रडार पर
सीआईडी का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में स्वच्छता और पारदर्शिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। अदालत द्वारा तीनों को जेल भेजे जाने के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसियों का स्पष्ट संकेत है कि यदि पूछताछ या आगे की जांच में आयोग के अधिकारियों, किसी रैकेट, बिचौलियों या अन्य अभ्यर्थियों की भूमिका सामने आती है, तो उन पर भी गाज गिरना तय है।

