
खूंटी : जिले के रनिया प्रखंड के बनई गांव निवासी मजदूर करमपाल सिंह का शव तेलंगाना से मंगाने के लिए उसकी मां ने खेत गिरवी रख दी। पैसे का इंतजाम होने पर पांच दिनों बाद उसका शव मंगाया जा सका। परिवार की दयनीय स्थिति देख तोरपा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कुछ आर्थिक मदद भी की। साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
करमपाल सिंह गोवा में मजदूरी करता था। काम के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। वह गांव लौट रहा था। वापसी के क्रम में तेलंगाना के एक रेलवे स्टेशन पर उसकी मौत हो गई। अब परिवार के समक्ष शव को मंगाने की समस्या उत्पन्न हो गई। आर्थिक तंगी के कारण परिजन शव घर लाने में सक्षम नहीं थे।
अंततः बेटे का शव मंगाने के लिए उसकी मां ललिता देवी ने अपना खेत गिरवी रख दिया। पांच दिनों की मशक्कत के बाद मंगलवार को करमपाल सिंह का शव बनई गांव पहुंचा,जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया।
सरकार की गलत नीतियों के कारण हो रही दुर्गति
कुछ लोगों ने घटना की जानकारी तोरपा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा को दी। पूर्व विधायक भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बनई गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों और संवेदनहीनता के कारण झारखंड के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है। इसके बाद उन्हें ऐसी दुर्गति झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि यदि राज्य में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होते, तो लोगों को परिवार से दूर जाकर काम करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक सहायता और आवश्यक सरकारी लाभ उपलब्ध कराने की मांग भी की।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान बानेश्वर सिंह, कृष्ण पाल सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुशीला देवी, राम लखन नाग सहित अन्य ग्रामीण सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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