
रांची : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि महिलाएं आज जीवन के लगभग हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। विज्ञान, खेल, प्रशासन, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियां देश के लिए गौरव का विषय हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से विकास में संवेदना जुड़ती है और विकास अधिक मानवीय बनता है।
राज्यपाल सोमवार को ऑड्रे हाउस, रांची में डॉ. शोभा विजेन्द्र की पुस्तक ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक एक शताब्दी की यात्रा के संदर्भ में महिलाओं की सहभागिता और समाज निर्माण में उनकी भूमिका को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान किया जा रहा है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़नी है। महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से वे देश की नीतियों और विकास की दिशा तय करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। विकसित भारत-2047 के निर्माण में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाएं अपने दायित्वों का कुशलता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन कर रही हैं। महिला सहभागिता की शुरुआत परिवार से होती है और इसका प्रभाव समाज तथा राष्ट्र तक पहुंचता है। शिक्षित महिला आने वाली पीढ़ी की दिशा तय करती है, जबकि आत्मनिर्भर महिला परिवार और समाज में आत्मविश्वास एवं परिवर्तन की नई चेतना पैदा करती है।
उन्होंने पुस्तक की लेखिका डॉ. शोभा विजेन्द्र को बधाई देते हुए महिला एवं बाल कल्याण, सामाजिक सेवा, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में उनके कार्यों की सराहना की। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक शोधार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नई पीढ़ी के लिए उपयोगी साबित होगी तथा महिला सहभागिता के विभिन्न आयामों पर सार्थक चिंतन को प्रेरित करेगी।

