
चाईबासा : चाईबासा महिला कॉलेज में रविवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 9वीं बटालियन (बिहटा, पटना) द्वारा आपदा प्रबंधन और त्वरित बचाव कार्यों पर एक विशेष जागरूकता व व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज की लगभग 200 छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की महत्वपूर्ण तकनीकें सीखीं।
कार्यक्रम के दौरान NDRF की टीम ने बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी प्राकृतिक विभीषिकाओं के साथ-साथ आगजनी, सड़क दुर्घटना और रेल हादसों जैसी मानव निर्मित आपदाओं के समय अपनाए जाने वाले राहत व बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। टीम ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य, संयम और सूझबूझ से काम लें, तथा सबसे पहले स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
व्यावहारिक प्रदर्शन से दिया प्रशिक्षण
NDRF के जवानों ने आधुनिक बचाव उपकरणों का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। इस दौरान छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में स्ट्रेचर तैयार करना, हार्ट अटैक आने पर प्राथमिक उपचार व CPR देना, सांप के काटने पर बरती जाने वाली सावधानियां और पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के उपाय सिखाए गए। छात्राओं को इन तकनीकों का स्वयं अभ्यास भी कराया गया, जिसमें उन्होंने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया।इसके अतिरिक्त, छात्राओं को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों, NDRF व SDRF की कार्यप्रणाली और अग्नि सुरक्षा के बुनियादी नियमों से अवगत कराया गया। NDRF प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि किसी भी संकट के समय सही जानकारी, त्वरित निर्णय और प्राथमिक बचाव कौशल ही मानव जीवन की रक्षा में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
इस प्रशिक्षण शिविर का संचालन सब-इंस्पेक्टर कबि रंजन शर्मा, सब-इंस्पेक्टर आर.ओ. विनय कुमार, कांस्टेबल राजेश यादव, विकास, जगदीश, निभा और सीमा सहित NDRF के अन्य सदस्यों द्वारा किया गया।
अवसर पर डॉ. अर्पित सुमन टोप्पो ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आपदाओं के प्रति जागरूक करना और उन्हें जीवन रक्षक प्राथमिक कौशलों से सशक्त बनाना है, क्योंकि आपात समय में सही प्रशिक्षण ही जीवन रक्षा का आधार बनता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में ललिता सवैया, राजन, कॉलेज के अन्य शिक्षक-कर्मचारी और करीब 200 छात्राएं उपस्थित रहीं।

