
Palamu : रोजगार की तलाश में गुजरात गए हुसैनाबाद प्रखंड के चवाचट्टान गांव निवासी 36 वर्षीय चंदन रजवार की हादसे में मौत हो गई। सोमवार की रात उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पत्नी, बच्चों, माता-पिता समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मंगलवार को हरही नदी चक्कर घाट स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों के मुताबिक चंदन रजवार, मंगरू रजवार के पुत्र थे और परिवार के भरण-पोषण के लिए गुजरात में काम कर रहे थे। 26 सितंबर की शाम करीब तीन बजे वहां टावर क्रेन की मदद से प्लाई शिफ्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान बेल्ट से करीब 20 प्लाई फिसलकर चंदन के ऊपर गिर गई। हादसे में उन्हें सिर से पैर तक गंभीर चोटें आईं। सहकर्मी तत्काल उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 28 सितंबर की रात करीब 10 बजे चंदन का शव गांव लाया गया। शव देखते ही पत्नी और अन्य परिजन बेसुध हो गए। चंदन अपने पीछे पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनकी मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
रोजगार के लिए पलायन की पीड़ा फिर सामने आई
चंदन की मौत ने रोजगार के लिए झारखंड से दूसरे राज्यों में होने वाले पलायन की मुश्किलों को फिर सामने ला दिया है। चवाचट्टान और आसपास के गांवों के कई युवा रोजगार की तलाश में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा समेत दूसरे राज्यों में जाते हैं। आर्थिक मजबूरी के कारण कई लोगों को परिवार से दूर रहकर जोखिम भरे काम करने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त रोजगार के अवसर मिलें तो युवाओं का दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम हो सकता है।
ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाया
कुर्मीपुर पंचायत के मुखिया पति सह समाजसेवी अजय रजवार, समाजसेवी ओमप्रकाश राजभर समेत कई ग्रामीणों ने चंदन के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने घटना पर शोक जताते हुए पीड़ित परिवार को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
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