
पलामू : जिले से बुधवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। करमा पर्व की खुशियां देखते ही देखते चीख-पुकार और आंसुओं में बदल गईं। चैनपुर इलाके के पतरिया खुर्द गांव के पांच दोस्त त्योहार की पूजन सामग्री विसर्जित करने कोयल नदी के तट पर गए थे। लेकिन किसे पता था कि यह पूजा उनके जीवन का आखिरी दिन साबित होगी। नदी के खतरनाक बहाव और एक-दूसरे को बचाने की बेबस कोशिश में चार लड़कों की जान चली गई, जबकि पांचवां लड़का अब भी लापता है।
दोस्ती निभाने के चक्कर में गहराई में उतरते चले गए मासूम
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, पतरिया खुर्द गांव के पांचों लड़के-नितेश कुमार, विशाल कुमार सिंह, अमित कुमार ठाकुर, राजा सिंह और हेमंत कुमार आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे। करमा डाली और विसर्जन सामग्री लेकर जब वे नदी पहुंचे, तो सबसे पहले नितेश पानी में उतरा। नदी की धारा अचानक तेज हुई और नितेश अपना संतुलन खोकर डूबने लगा।
अपने दोस्त को मौत के मुहाने पर देख बाकी चार दोस्तों ने भी एक-एक कर बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। दुखद बात यह रही कि इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था। जहां यह हादसा हुआ, वहां कोयल और अमानत नदी का संगम है। पानी की गहराई लगभग 25 से 30 फीट बताई जा रही है। दोस्त को बचाने की यह मासूम जिद सब पर भारी पड़ गई और एक-एक कर पांचों गहरे पानी में समा गए।

तट पर खड़े ग्रामीणों ने जब यह भयानक दृश्य देखा, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। लोग मदद के लिए दौड़े और शोर मचाया। लेकिन तब तक पानी का तेज बहाव लड़कों को बहा ले जा चुका था। बाद में घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर नितेश, विशाल, अमित और राजा के बेजान शरीर बरामद हुए। पांचवा साथी हेमंत का अब तक कोई अता-पता नहीं चल सका है।
गांव में सन्नाटा,परिजनों की चीख से दहला इलाका
इस घटना के बाद से ही पतरिया खुर्द गांव में चूल्हा तक नहीं जला है। मृतक बच्चों में कोई इंटरमीडिएट का छात्र था तो कोई पढ़ाई के साथ घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रहा था। एक ही मोहल्ले के चार-चार जवान चिराग बुझ जाने से पूरे गांव का माहौल गमगीन है।
लापता बच्चे को खोजने के लिए केवल पुलिस-प्रशासन ही नहीं, बल्कि गांव के लोग भी खुद नदी के किनारों पर कई किलोमीटर दूर गढ़वा सीमा तक अभियान चला रहे हैं। पलामू पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी तलाश में लगा दिया है।
मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक आलोक चौरसिया, मेदिनीनगर एसडीपीओ राजेश यादव और थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक ने घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए उचित सरकारी मुआवजे की मांग की है।

राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया है। सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि करम विसर्जन के दौरान हुई यह त्रासदी बेहद दुखद है। उन्होंने ईश्वर (मरांग बुरु) से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
पाटन में भी नदी में डूबने से किशोरी की मौत
पलामू जिले में करमा पूजा के दौरान डूबने की यह अकेली घटना नहीं रही। जिले के पाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत हिसरा बरवाडीह गांव में भी एक किशोरी शिल्पी कुमारी की जिंजोई नदी में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पर्व के दिन जिले के दो अलग-अलग इलाकों में हुए इन हादसों ने पूरे पलामू को शोक में डुबो दिया है।
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