
रांची : रांची जिले में आम लोगों की समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) और अंचल अधिकारियों (सीओ) को नियमित रूप से अपने-अपने प्रखंड और अंचल कार्यालयों में बैठने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यालय आने वाले लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित एनआईसी सभागार में शनिवार को सभी बीडीओ और सीओ के साथ हुई समीक्षा बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों, केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गयी। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं और अहम भवन निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित पदाधिकारी अपने क्षेत्र में योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करें और जिन मामलों में किसी प्रकार की अड़चन है, उसका समय पर समाधान करें। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
भूमि मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर
बैठक में जिले में प्रस्तावित और निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता की स्थिति की भी समीक्षा की गयी। उपायुक्त ने भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता बरतते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े मामलों के लंबित रहने से विकास परियोजनाओं और भवन निर्माण कार्यों में बाधा नहीं आनी चाहिए।
उपायुक्त ने बीडीओ और सीओ को प्रखंड एवं अंचल स्तर पर जनता से सीधा संवाद बनाए रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपलब्ध रहें, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से भटकना नहीं पड़े। शिकायतों और आवेदन के निष्पादन की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा गया।
बैठक में विकास कार्यों के साथ सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गयी। उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनके वास्तविक लाभ और प्रगति की भी निगरानी हो। जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं है, उनमें तेजी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को जन-केंद्रित प्रशासन की भावना के अनुरूप काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रखंड और अंचल स्तर पर जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में विकास कार्यों को गति देने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, भूमि उपलब्धता से जुड़े मामलों के समयबद्ध निष्पादन और आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए

