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Jamshedpur News : आत्महत्या रोकथाम का संदेश लेकर जमशेदपुर में निकली कार रैली, 70 से अधिक सदस्यों ने लिया हिस्सा

लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनने और जरूरतमंद व्यक्ति की बात सुनने की पहल

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर आत्महत्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जमशेदपुर के छह इनर व्हील क्लबों ने संयुक्त रूप से कार रैली का आयोजन किया। रैली में IWC जमशेदपुर, IWC जमशेदपुर ईस्ट, IWC जमशेदपुर वेस्ट, IWC अस्मिता, IWC सृजन और IWC मेराकी ई-क्लब के सदस्यों ने भाग लिया।
कार रैली का शुभारंभ बेल्डीह क्लब गेट से हुआ। रैली बिष्टुपुर और नॉर्दर्न टाउन होते हुए डोराबजी पार्क राउंडअबाउट पहुंची और इसके बाद सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल के पार्किंग क्षेत्र में इसका समापन हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जीवन सुसाइड प्रिवेंशन सेंटर की ज्वाइंट डायरेक्टर एवं Befrienders Initiative की नेशनल सेक्रेटरी गुरप्रीत कौर भाटिया थीं। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट वाइस चेयरमैन निभा मिश्रा, DCCCC डॉ. रीता झा तथा यूथ डेवलपमेंट वर्टिकल की मेंटर PDC अलका नंदा बक्सी की उपस्थिति रही।

रैली में 70 से अधिक सदस्यों ने 23 सुसज्जित कारों के साथ हिस्सा लिया। कारों पर आत्महत्या रोकथाम, भावनात्मक सहयोग, सकारात्मक सोच और मानसिक परेशानी की स्थिति में समय पर मदद लेने से संबंधित संदेश एवं पोस्टर लगाए गए थे। इन संदेशों के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनने और जरूरतमंद व्यक्ति की बात सुनने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए लाउडस्पीकर और जागरूकता संदेशों से सुसज्जित एक ऑटो-रिक्शा भी रैली में शामिल किया गया। यह ऑटो आगे भी जमशेदपुर की विभिन्न सड़कों और गलियों में घूमकर लोगों को आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेगा।

रैली के समापन के बाद सदस्यों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। भावनात्मक और प्रभावशाली प्रस्तुति के जरिए करुणा, संवाद, समय पर हस्तक्षेप और मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति का साथ देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आत्महत्या की रोकथाम किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी परेशान व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना, उसे भावनात्मक सहयोग देना और जरूरत पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञ सहायता तक पहुंचाना किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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