
रांची:राजधानी रांची में शनिवार को उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया, जब पुलिस ने छात्र आंदोलनों का चर्चित चेहरा और ‘संपूर्ण संकट मोचन फाउंडेशन’ की निदेशक अमीषा प्रसाद को अपने कब्जे में ले लिया। खबर फैलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आक्रोशित होकर सीधे कोतवाली थाने आ पहुंचे और पुलिस की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध शुरू कर दिया।
थाने में बढ़ा भारी तनाव
जैसे ही अमीषा को हिरासत में लेने की बात सामने आई, दर्जनों की संख्या में समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने का घेराव कर लिया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा के दिग्गज नेता बाबूलाल मरांडी और स्थानीय विधायक सीपी सिंह खुद थाने पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले का ब्योरा मांगा।
पुतला दहन से जुड़ा है मामला
विधायक सीपी सिंह ने बातचीत में स्पष्ट किया कि पुलिस के मुताबिक अमीषा को हाल ही में हुए एक पुतला दहन प्रदर्शन के दौरान अराजकता के सिलसिले में सिर्फ पूछताछ के लिए लाया गया था। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि पूछताछ पूरी होते ही उन्हें सकुशल घर भेज दिया जाएगा। हालांकि, कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण थाने के बाहर घंटों नारेबाजी और बहसबाजी का दौर चलता रहा।
पूछताछ के बाद रिहाई, आगे भी होगी जांच

घंटों चले इस सियासी घमासान और पूछताछ की प्रक्रिया के बाद पुलिस ने शनिवार देर शाम अमीषा प्रसाद को छोड़ दिया। हालांकि, मामले का पटाक्षेप अभी नहीं हुआ है; पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच आगे बढ़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
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