
RANCHI: जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय में पलाश (जेएसएलपीएस), मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड, जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) तथा श्रम विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में स्वरोजगार, लघु एवं कुटीर उद्योग, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि रांची में स्थानीय युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। जेएसएलपीएस की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), ऋण वितरण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उत्पादों की प्रगति पर चर्चा हुई। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को समूहों से जोड़ने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की समीक्षा के दौरान उद्यम योजना, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और कुटीर उद्योग इकाइयों की स्थिति पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने भूमि, बिजली और ऋण स्वीकृति जैसी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने को कहा। इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), फूलो-झानो आशीर्वाद योजना और स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लाभुकों की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने और समूहों की प्रभावी मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर अभियान की समीक्षा करते हुए बताया गया कि रांची जिले में महिला समूह मुर्गी पालन के माध्यम से हर माह लाखों अंडों का उत्पादन कर रहे हैं। उपायुक्त ने उत्पादन गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग तथा अधिकाधिक महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

