
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के रसोई बजट को एक बार फिर बिगाड़ना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से प्याज के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। शहर की पंडरा थोक मंडी में प्याज 35 से 42 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में इसकी कीमत 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। अचानक आए इस उछाल से खरीदार परेशान हैं और अब जरूरत के अनुसार ही प्याज खरीद रहे हैं।
नई फसल पहुंचने में देरी बनी महंगाई की वजह
पंडरा आलू-प्याज व्यवसायी संघ से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक, सामान्य वर्षों में दक्षिण भारत से प्याज की नई फसल सावन के शुरुआती दिनों तक रांची पहुंचने लगती थी। इस बार फसल की आवक तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। मंडियों में प्याज की उपलब्धता घटने से पुराने स्टॉक पर दबाव बढ़ गया और कीमतें तेजी से ऊपर चली गईं। व्यापारियों का कहना है कि मांग पहले जैसी बनी हुई है, लेकिन नई खेप कम आने के कारण बाजार में भाव नियंत्रित नहीं हो पा रहे हैं। यही वजह है कि थोक और खुदरा कीमतों के बीच भी बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
दो सप्ताह बाद सस्ता हो सकता है प्याज
कारोबारियों ने उम्मीद जताई है कि दक्षिण भारत से प्याज की नई फसल अगले दो सप्ताह के भीतर मंडियों में पहुंच सकती है। नियमित आपूर्ति शुरू होने के बाद बाजार में माल की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल करीब 10 से 15 दिनों तक महंगे प्याज से राहत मिलने की उम्मीद कम है। बताया जा रहा है कि 14 अगस्त को पंडरा थोक मंडी में प्याज का भाव लगभग 28 से 30 रुपये प्रति किलो था। इसके बाद सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण कीमतों ने अचानक रफ्तार पकड़ ली।
रोजाना मंडी पहुंच रहे 10 से 12 ट्रक
व्यवसायी संघ के सदस्यों के अनुसार, रांची की प्रमुख मंडियों में प्रतिदिन करीब 10 से 12 ट्रक प्याज पहुंच रहे हैं। वर्तमान समय में शहर को प्याज की अधिकतर आपूर्ति मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से हो रही है। सामान्य दिनों के मुकाबले आवक में मामूली कमी आई है, लेकिन इसका असर थोक बाजार की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
आलू के दाम स्थिर, लहसुन अब भी महंगा
प्याज के विपरीत आलू की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। पंडरा मंडी में सफेद आलू 7 से 8 रुपये, लाल आलू 10 से 12 रुपये और एलटी आलू 11 से 14 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, लहसुन की कीमत गुणवत्ता के अनुसार 60 से 170 रुपये प्रति किलो तक बनी हुई है। अदरक का थोक भाव भी करीब 130 से 140 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है। फिलहाल रांची के लोगों की निगाहें दक्षिण भारत से आने वाली नई फसल पर टिकी हैं। यदि आवक समय पर बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में प्याज के भाव नरम पड़ सकते हैं और रसोई के बजट को बड़ी राहत मिल सकती है।
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