
रांची : वियतनाम में सड़क दुर्घटना में मारे गए रांची के योग प्रशिक्षक राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को भारत लाया गया। हनोई से पार्थिव शरीर कोलकाता हवाई अड्डा पहुंचने के बाद रांची जिला प्रशासन ने उसे उनके पैतृक आवास तक पहुंचाने के लिए नि:शुल्क एंबुलेंस की व्यवस्था की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने विदेश मंत्रालय और हनोई स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी करायी।
राजा कुमार वर्मा रांची के कैलाश नगर निवासी थे और वियतनाम के दा लाट शहर में योग प्रशिक्षक के रूप में काम कर रहे थे। 25 सितंबर को योग की कक्षा लेकर लौटने के दौरान उनकी स्कूटी की कार से टक्कर हो गई थी। हादसे में राजा की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी थी। उनके साथ मौजूद जमशेदपुर निवासी विनय कुमार राय भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे और बाद में उनकी भी मौत हो गयी।
हादसे के बाद परिवार ने सरकार से मांगी थी मदद
राजा के निधन की सूचना मिलने के बाद परिवार आर्थिक परेशानी के कारण उनका पार्थिव शरीर वियतनाम से रांची लाने में असमर्थ था। परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगायी थी। शव को भारत लाने की प्रक्रिया में वियतनाम में रहने वाले भारतीय समुदाय और मृतक के परिचितों ने भी आर्थिक सहयोग किया।
मिलने के बाद विदेश मंत्रालय, हनोई स्थित भारतीय दूतावास और संबंधित वियतनामी प्राधिकारियों से संपर्क किया। आवश्यक कानूनी एवं दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को हनोई से कोलकाता लाया गया। शनिवार को कोलकाता पहुंचने के बाद रांची जिला प्रशासन ने एंबुलेंस उपलब्ध करायी।
आश्रित को पांच लाख रुपये की सहायता
राज्य सरकार की ओर से राजा कुमार वर्मा के आश्रित को मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की ओर से की जाएगी।
राजा वर्मा पिछले कुछ समय से वियतनाम में योग प्रशिक्षण का काम कर रहे थे और परिवार की आर्थिक मदद के लिए पैसे भेजते थे। उनकी मौत के बाद रांची स्थित उनके घर में शोक का माहौल है।
सरकारी स्तर पर पार्थिव शरीर को रांची लाने की व्यवस्था होने के बाद अब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हैं।
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