
चाईबासा : बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए शक्तिशाली चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) के प्रभाव से झारखंड और ओडिशा के सीमांत क्षेत्र सारंडा में मौसम का मिज़ाज अत्यंत प्रतिकूल हो गया है। पश्चिमी सिंहभूम के पर्वतीय एवं वनाच्छादित अंचलों में निरंतर हो रही मूसलाधार वर्षा, ठंडी हवाओं तथा सघन कुहासे के कारण आम नागरिकों की दिनचर्या बुरी तरह चरमरा गई है।
विशेषकर किरीबुरू और मेघाहातुबुरू के मार्ग पूरी तरह सूने पड़े हैं। सामान्य दिनों की तुलना में परिवहन नगण्य रहा। दृश्यता बेहद कम होने के कारण चालकों को दोपहर में भी वाहनों की हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ना पड़ा। सड़कों पर उत्पन्न फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

बाज़ारों में ग्राहकों की उपस्थिति न के बराबर
इस प्राकृतिक व्यवधान से पठन-पाठन और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हुआ है। छात्र-छात्राएं छाते व रेनकोट के सहारे विद्यालय पहुंचने को विवश दिखे। उधर, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सन्नाटा छाया हुआ है। खानपान और आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़ दें, तो शेष बाज़ारों में ग्राहकों की उपस्थिति न के बराबर रही, जिससे स्थानीय दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
बारिश के चलते दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों के सामने आजीविका का संकट
सर्वाधिक दुर्दशा दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों की हुई है। निरंतर हो रही वर्षा के कारण निर्माण कार्य, माल ढुलाई तथा खनन से जुड़ी सभी गतिविधियां पूरी तरह स्थगित हैं। रोज़गार ठप होने से दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की दी सलाह
मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने पश्चिमी सिंहभूम सहित राज्य के कई हिस्सों में आगामी दिनों के लिए मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में 24 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थानों व आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कम दृश्यता और वर्षा के जोखिम को देखते हुए लोगों से अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।

